उमस भरी भीषण गर्मी के बीच पेयजल संकट के कारण सैकड़ों ग्रामीण बेहद परेशान हैं, वहीं विभागीय अधिकारी इत्मीनान की नींद सो रहे हैं और ग्रामीणों का मोबाइल फोन तक उठाना उचित नहीं समझ रहे हैं.
प्राप्त समाचार के अनुसार, इस्लामपुर प्रखंड की सूढ़ी पंचायत के वार्ड संख्या दो एवं तीन अंतर्गत ढिबरी गांव में नल-जल योजना के तहत पेयजलापूर्ति का मोटर यांत्रिक खराबी के कारण पिछले 15 दिनों से जला पड़ा है. इस वजह से सौ से अधिक घरों में पीने के पानी के लिए लाले पड़े हैं. महिलाएं, वृद्ध और दिव्यांगजन पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं.
भूजल स्तर नीचे जाने से बोरिंग ठप, डेढ़ सौ घरों में सप्लाई बंद
वहीं, इसी पंचायत के वार्ड संख्या तीन (ढिबरी गांव) में पिछले एक महीने से नल-जल योजना की बोरिंग का भूजल स्तर काफी नीचे चले जाने के कारण स्थिति बेहद गंभीर हो गई है.
बोरिंग से पानी नहीं आने से करीब डेढ़ सौ घरों में नल-जल योजना की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो चुकी है, जिससे ग्रामीणों को दैनिक कार्यों के लिए भी भीषण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
घंटों लाइन में लगकर पानी लाने को मजबूर हैं लोग
दोनों वार्डों में पेयजलापूर्ति ठप हो जाने से सैकड़ों महिलाएं, वृद्ध एवं दिव्यांगजन दूर-दराज के क्षेत्रों से पैदल चलकर और घंटों लाइन में लगकर रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी लाने को विवश हैं.
मुखिया और ग्रामीणों के फोन नहीं उठा रहे विभागीय अधिकारी
जले हुए मोटर की मरम्मत कराने और गिरते भूजल स्तर के बीच दोनों वार्डों में बंद पड़ी जलापूर्ति को फिर से बहाल करने के लिए दर्जनों ग्रामीणों सहित पंचायत के मुखिया ग्यास आलम ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से उनके मोबाइल फोन पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन अधिकारियों द्वारा फोन रिसीव नहीं किया जा रहा है. इससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है.
