Biharsharif News : ऐतिहासिक शहर राजगीर का मुक्तिधाम इन दिनों उपेक्षा का दंश झेल रहा है. शाम ढलते ही पूरा मुक्तिधाम परिसर अंधेरे में डूब जाता है. वहीं, इसके समीप से गुजरने वाली गोदावरी नदी गाद और गंदगी से कराह रही है. स्थिति यह है कि नदी का पानी स्नान तो दूर, अवशेष प्रवाहित करने योग्य भी नहीं रह गया है. इससे लोगों में नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी है.
बंदोबस्ती के बावजूद रखरखाव पर ध्यान नहीं देने का आरोप
जदयू नगर अध्यक्ष आशुतोष कुमार पांडेय, जदयू नेता बबलू कुमार और अन्य स्थानीय लोगों के अनुसार, नगर परिषद राजगीर द्वारा हर वर्ष मुक्तिधाम की ऊंची कीमत पर बंदोबस्ती की जाती है. इसके बावजूद मुक्तिधाम के रखरखाव और मूलभूत सुविधाओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान में पूरे परिसर में प्रकाश व्यवस्था की स्थिति अत्यंत दयनीय है. बताया जाता है कि पूरे मुक्तिधाम को रोशन करने के लिए महज एक लाइट उपलब्ध है.
मोबाइल की रोशनी में करना पड़ता है अंतिम संस्कार
स्थानीय लोगों के अनुसार, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं होने के कारण रात के समय अंतिम संस्कार के लिए पहुंचने वाले परिजनों को मोबाइल की रोशनी का सहारा लेना पड़ता है. सूर्यास्त होते ही पूरा परिसर अंधकार में डूब जाता है, जिससे अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्य के दौरान लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. युवा राजद के पूर्व प्रदेश सचिव गोलू यादव, वरीय वार्ड पार्षद डॉ. अनिल कुमार, पूर्व पार्षद श्रवण कुमार, पूर्व पार्षद इंद्र मोहन सिंह निराला और अन्य लोगों ने कहा कि मुक्तिधाम में प्रकाश व्यवस्था के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है.
अंधेरे के कारण सुरक्षा को लेकर भी बना रहता है भय
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय मुक्तिधाम परिसर में पर्याप्त रोशनी नहीं होने से सुरक्षा को लेकर भी भय बना रहता है. लोगों ने कहा कि अंतिम संस्कार के लिए आने वाले परिजनों और अन्य लोगों को अंधेरे के कारण असुविधा का सामना करना पड़ता है. उन्होंने मुक्तिधाम में पर्याप्त संख्या में लाइट लगाने और नियमित रखरखाव की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.
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गोदावरी नदी की सफाई और उड़ाही कराने की मांग
गोलू यादव और डॉ. अनिल कुमार ने नगर परिषद से मुक्तिधाम परिसर में हाईमास्ट लाइट और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करने की मांग की है. साथ ही गोदावरी नदी की उड़ाही और सफाई कराने की भी मांग की गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि गाद और गंदगी के कारण नदी की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. इससे मुक्तिधाम आने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. उनका कहना है कि ऐतिहासिक राजगीर के महत्वपूर्ण मुक्तिधाम की उपेक्षा से शहर की छवि भी प्रभावित हो रही है. लोगों ने प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान किया जाए तथा मुक्तिधाम में प्रकाश, स्वच्छता और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
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