Nalanda News : नालंदा के मॉडल सदर अस्पताल में लाखों रूपये की लागत से बना अत्याधुनिक आइसीयू वार्ड उद्घाटन की राह देख रहा है. सारी तैयारियों के बाद भी दो बार तारीख टलने से यह वार्ड शुरू नहीं हो सका है. नतीजतन जिले के गंभीर मरीज हायर सेंटर रेफर होने को मजबूर हैं. पहले 16 जून को उद्घाटन होना था, जो टल गया. फिर 30 जून को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को ऑनलाइन मोड से आइसीयू का शुभारंभ करना था, पर वह तारीख भी फेल हो गई. अब स्वास्थ्य विभाग प्रशासन ने 13 जुलाई की नई तारीख तय की है.
सबकुछ तैयार, पर दरवाजे है बंद
अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ़ राजीव रंजन ने बताया कि आइसीयू पूरी तरह सुसज्जित है. वेंटिलेटर, मल्टी-पैरा मॉनिटर, सेंट्रल ऑक्सीजन पाइपलाइन समेत सभी आधुनिक उपकरण इंस्टॉल हैं. संचालन के लिए 5 नोडल पदाधिकारी नियुक्त हो चुके हैं और स्टाफ की ट्रेनिंग भी पूरी है. अब सिर्फ फीता कटने का इंतजार है. वार्ड का शुभारंभ होते ही आकस्मिक गंभीर मरीजों को हायर सेंटर को रेफर करने की विवशता नहीं रह जायेगी.
आकस्मिक मरीजों की बढ़ी मुसीबत
इधर, नवनिर्मित आइसीयू के अबतक चालू न होने से हार्ट अटैक, गंभीर सड़क हादसे, सांस की तकलीफ वाले क्रिटिकल मरीजों को मॉडल सदर अस्पताल में तत्काल बेहतर इलाज नहीं मिल रहा है. ऐसी स्थिति में यहां के डॉक्टर मजबूरी में उन्हें पटना पीएमसीएच, एनएमसीएच या निजी अस्पताल रेफर कर रहे हैं. इससे परिजनों पर आर्थिक-मानसिक बोझ बढ़ रहा है. कई बार रास्ते में ही मरीज की हालत बिगड़ जाती है.
वार्ड को जल्द शुरू करने की मांग
इधर, स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने इस वार्ड के शुरू नहीं होने पर नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि लाखों रूपये की सुविधा सिर्फ उद्घाटन के इंतजार में बेकार पड़ी है. अस्पताल प्रशासन वरीय अधिकारियों के निर्देश का इंतजार कर रहा है. जिले के लोगों को उम्मीद है कि 13 जुलाई को आइसीयू शुरू होगा और गंभीर मरीजों को जिला स्तर पर ही जीवनरक्षक सुविधा मिलेगी.
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