Lokain River Flood Hilsa : नालंदा जिले के उदेरा स्थान बराज से पानी छोड़े जाने के बाद हिलसा अनुमंडल के एकंगरसराय, हिलसा एवं करायपरसुराय प्रखंड की करीब आधा दर्जन पंचायतों से होकर गुजरने वाली लोकाइन नदी में बुधवार की शाम बाढ़ का पानी पहुंचा था.
शुक्रवार की शाम छह बजे तक लोकाइन नदी में करीब 0.9 मीटर पानी बह रहा था, हालांकि पिछले दिनों की तुलना में नदी का जलस्तर काफी घट गया है.
भूतही नदी की ओर बढ़ा पानी
नदी में पानी आने के साथ ही लोकाइन नदी का पानी अब भूतही नदी की ओर भी आगे बढ़ गया है. प्रशासनिक स्तर पर इस पूरे घटनाक्रम और जल प्रवाह पर लगातार नजर रखी जा रही है.
किसानों के लिए राहत और चिंता की स्थिति
नदी में पानी आने से किसानों को जहां एक तरफ राहत मिली है, वहीं धान की फसल को लेकर उनकी चिंता भी बढ़ गई है. किसानों का कहना है कि नदी में पानी आने से सूखे पड़े नलकूप और चापाकल के जलस्तर में सुधार होने की उम्मीद है, जिससे सिंचाई में किसानों को काफी लाभ मिलेगा.
पिछले वर्ष के नुकसान और वर्तमान आशंकाएं
हालांकि, पिछले वर्ष लोकाइन नदी में चार बार बाढ़ का पानी आने से खेतों में लगी धान की फसल को काफी नुकसान हुआ था. इस वर्ष भी खेतों में धान की फसल लहलहा रही है, ऐसे में किसान दोबारा बाढ़ आने की आशंका को लेकर काफी चिंतित नजर आ रहे हैं.
Also Read : पर्यटन का नया ठिकाना बन सकती है गया जी की मंडा पहाड़ी, 7 गुफाएं और प्राचीन मूर्तियां हैं खास आकर्षण
अंचलाधिकारी का बयान और प्रशासनिक निगरानी
अंचलाधिकारी रूपम शर्मा ने शुक्रवार की शाम बताया कि लोकाइन नदी में बाढ़ के पानी का जलस्तर काफी घट गया है. इसके बावजूद प्रशासन पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और नदी के जलस्तर के साथ-साथ तटबंधों की भी लगातार निगरानी की जा रही है.
