Biharshaif News: नालंदा जिले अंतर्गत राजगीर श्रावणी मेला सैरात परिक्षेत्र स्थित यूथ हॉस्टल परिसर में लगे रैन-बसेरा में बुधवार को एक दर्दनाक घटना घटी. उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से पहुंचे 44 वर्षीय कांवरिया रमेश ठाकुर की इलाज के दौरान आकस्मिक मौत हो गई. सूचना पाकर मौके पर पहुंची राजगीर पुलिस छानबीन और कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है. मृतक की पहचान यूपी के कुशीनगर जिला स्थित पतहेरवां थाना क्षेत्र के चंदरौटा (जवाहर भैंसाहा) निवासी जगन्नाथ ठाकुर के 44 वर्षीय पुत्र रमेश ठाकुर के रूप में की गई है.
देवघर से जलार्पण कर पहुंचे थे राजगीर, सुबह अचानक बिगड़ी तबीयत
कुशीनगर से लगभग 80 सदस्यीय कांवरिया संघ के जत्थे के साथ आए सदस्यों राजेश कुमार व अमरजीत कुमार ने पुलिस को बताया कि वे लोग देवघर में जलार्पण और वासुकीनाथ दर्शन के बाद बुधवार सुबह राजगीर पहुंचे थे. रमेश ठाकुर अपने परिवार से अकेले ही इस धार्मिक यात्रा में शामिल हुए थे.
बुधवार सुबह करीब 8:00 बजे अचानक रमेश ठाकुर की तबीयत खराब हो गई और उनके मुंह से खून की उल्टी हुई. साथी कांवरिया उन्हें तुरंत अनुमंडलीय अस्पताल राजगीर ले गए, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया.
वापस घर लौटने की तैयारी के दौरान तोड़ा दम
सहयोगियों ने बताया कि दोपहर करीब 12:00 बजे रैन-बसेरा लौटने के बाद पूरे जत्थे ने रमेश की स्थिति को देखते हुए तुरंत कुशीनगर वापस लौटने का निर्णय लिया. लेकिन जैसे ही वे रमेश को उठाकर गाड़ी की तरफ ले जाने लगे, तब तक उन्होंने दम तोड़ दिया.
परिजनों के अनुरोध पर पंचनामा के बाद सौंपा गया शव
घटना की सूचना मिलने पर राजगीर पुलिस टीम से एसआई रेखा कुमारी और मुक्तिनाथ यादव ने रैन-बसेरा पहुंचकर जांच की. पुलिस ने मोबाइल फोन के माध्यम से कुशीनगर में मौजूद मृतक के बड़े पुत्र किन्नू कुमार से बात की. परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम न कराने का लिखित व मौखिक अनुरोध करते हुए केवल पंचनामा तैयार कर शव सौंपने की गुहार लगाई.
राजगीर थानाध्यक्ष अभिजीत कुमार ने बताया कि मृतक के साथियों के अनुसार रमेश ठाकुर लंबे समय से लीवर (यकृत) की बीमारी से ग्रसित थे और उनका इलाज चल रहा था. यात्रा के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से उनकी मृत्यु हुई है. पुलिस ने नियमानुसार कागजी कार्रवाई (पंचनामा) पूरी कर शव को स्वजनों और सहयोगियों को सौंप दिया है.
