Fish Farming Training Nalanda(निरंजन कुमार) : नालंदा जिला मत्स्य पदाधिकारी-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के निर्देश पर मत्स्य प्रसार राज्य योजना के तहत बुधवार को जहानाबाद जिले के 60 मत्स्य कृषकों ने नालंदा स्थित मोहनपुर मत्स्य हैचरी का एक दिवसीय भ्रमण किया.
मत्स्य विकास पदाधिकारी मिथिलेश कुमार एवं संतोष कुमार के नेतृत्व में पहुंचे कृषकों को मत्स्य पालन की आधुनिक तकनीक, हैचरी संचालन तथा उत्पादन बढ़ाने के विभिन्न उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई.
हैचरी संचालन और बारीकियों की जानकारी
इस दौरान मोहनपुर मत्स्य हैचरी के संचालक शिवनन्दन प्रसाद उर्फ शिवजी ने कृषकों को हैचरी की कार्यप्रणाली और मत्स्य पालन से जुड़ी बारीकियों से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में मत्स्य उत्पादन के लिए कई आधुनिक एवं व्यावहारिक विधियों का उपयोग किया जा रहा है. इससे मत्स्य पालक कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं.
उत्पादन बढ़ाने के व्यावहारिक तरीके
उन्होंने बताया कि मछलियों के लिए निर्धारित दाने के अलावा गोबर की खाद तथा घरों और होटलों से निकलने वाले बचे हुए भोजन का उचित तरीके से उपयोग कर भी मत्स्य उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन में वैज्ञानिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन अपनाने से किसानों को काफी लाभ मिल सकता है.
Also Read : नालंदा के लाल का कमाल: सुब्रत शांडिल्य बनाएंगे कम लागत वाला स्वदेशी जेट इंजन और थ्री-डी कार्गो ड्रोन
नीली क्रांति की ओर बढ़ता नालंदा
शिवनन्दन प्रसाद ने कहा कि नालंदा में मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में लगातार सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है. जिला धीरे-धीरे मत्स्य उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है और यह क्षेत्र नीली क्रांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहा है.
भ्रमण कार्यक्रम का उद्देश्य एवं लाभ
मत्स्य विकास पदाधिकारी मिथिलेश कुमार एवं संतोष कुमार ने कहा कि इस तरह के भ्रमण कार्यक्रम से कृषकों को सीधे व्यावहारिक जानकारी मिलती है. इससे वे आधुनिक तकनीकों को अपनाकर मत्स्य उत्पादन और अपनी आय में वृद्धि कर सकेंगे.
