ऑटोमेटिक फूड प्रोसेसिंग यूनिट का उद्घाटन

जिला के युवाओं को अब रोजगार के लिए राज्य के बाहर दिल्ली, कोलकाता या सूरत जाने की आवश्यकता नहीं है.

शेखपुरा. जिला के युवाओं को अब रोजगार के लिए राज्य के बाहर दिल्ली, कोलकाता या सूरत जाने की आवश्यकता नहीं है. जिला प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री खाद्य संवर्धन योजना के तहत शनिवार को ऑटोमेटिक फूड प्रोसेसिंग यूनिट का उद्घाटन किया गया. प्रोसेसिंग यूनिट खोलने के लिए भारतीय स्टेट बैंक द्वारा प्रधानमंत्री खाद्य संवर्धन योजना के तहत 45 लाख रुपए की ऋण दी गयी. इसमें 30 प्रतिशत का अनुदान भी शामिल है. डीएम आरिफ अहसन ने इस यूनिट का उद्घाटन करते हुए यूनिट के प्रबंधक दीपक कुमार गुप्ता के इस नए स्टार्टअप की सराहना किया. दीपक शहर के बंगालीपर मोहल्ले के सुरेश साव के पुत्र है. पिछले एक दशक से दीपक के पिता नमकीन बनाने का मिनी कारखाना चला रहे थे. डीएम ने कहा की जिले के अन्य युवाओं को भी इससे प्रेरणा लेते हुए अपने रोजगार शुरू करनी चाहिए. डीएम ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के लघु और कुटीर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू हैं. जिसमें इच्छुक युवाओं को मदद करने के लिए जिला प्रशासन हर कदम पर तैयार है. नगर क्षेत्र के हसनगंज के दीपक कुमार गुप्ता द्वारा इस यूनिट द्वारा विभिन्न प्रकार के नमकीन, भुजिया, गठिया आदि बनाते हुए इसे पूरे जिले के अलावा निकटवर्ती लखीसराय, जमुई, नवादा आदि में आपूर्ति की जा रही है. इस यूनिट में 10 महिला सहित 20 युवकों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त हुए है.

जिले में औद्योगिक क्षेत्र के विकास को मिलेगा नया आयाम

डीएम ने कहा की सरकार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनायें चला रहे है.जिले में जैविक कृषि,कपड़ा उद्योग सहित कई छोटे बड़े कारखानों का विस्तार हुआ है.उन्होंने कहा की सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए लगातार जागरूकता, प्रशिक्षण सहित अन्य गतिविधियों को अमली जामा पहनाया जा रहा है.छोटे बड़े औद्योगिक कारोबार को बिजली,बाजार ,बैंकों से आर्थिक सहयोग एवं सुरक्षा के लिए भी जिला प्रशासन सजग है.

40 लाख की यूनिट से 20 लाख रूपये का सालाना होगा कारोबार

इस अवसर पर उद्योग विभाग के महाप्रबंधक सुजात,एसबीआई के प्रबंधक प्रवीण कुमार सिंहा आदि ने भी युवाओं को अपना रोजगार स्थापित करने के लिए हर प्रकार के मदद का भरोसा दिलाया. इस अवसर पर अपने अनुभव साझा करते हुए उद्यमी दीपक कुमार गुप्ता ने बताया कि वह शुरू में अपने पिता के साथ कोलकाता में छोटा सा दुकान चला रहे थे. दुकान नहीं चलने पर वह अपने घर वापस आ गए. लेकिन, बाद में उनके पिता के मित्र ने उन्हें यह यूनिट खड़ा करने की सलाह दी. तब उन्होंने अपने मेहनत से छोटा सा यूनिट खड़ा किया. लेकिन जिला प्रशासन, उद्योग विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के सहयोग से आज उनका यूनिट ऑटोमेटिक बन गया है. जिससे वह अब प्रतिदिन लगभग 1,000 किलोग्राम बेसन का विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट और कुरकुरे नमकीन व्यंजन बनाकर आसपास के जिलों में बिक्री का काम कर रहे हैं. उनका अभी लगभग 20 लाख रुपए का सालाना व्यापार पहुंच गया है. सरकारी मदद से अब उनका यूनिट एक करोड़ रुपए का हो गया है. आने वाले दिनों में इसमें और वृद्धि होने की संभावना है. दीपक कुमार गुप्ता का यह नवाचार जिले के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनने जा रहा है.

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Published by: Santosh kumar singh

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