Nalanda News : नगर परिषद हिलसा द्वारा संचालित 'स्टॉप डायरिया अभियान' के तहत मध्य विद्यालय, हिलसा में विद्यार्थियों के बीच डायरिया से बचाव एवं स्वच्छता को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को डायरिया के कारण, लक्षण, बचाव और उपचार की जानकारी देकर स्वच्छ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था.
बच्चों को बताए डायरिया से बचाव के उपाय
कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता पदाधिकारी ने विद्यार्थियों को बताया कि डायरिया से बचाव के लिए हमेशा स्वच्छ और उबला हुआ पानी पीना चाहिए. भोजन करने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोना चाहिए. खुले में शौच से बचना चाहिए तथा घर और विद्यालय के आसपास साफ-सफाई बनाए रखना जरूरी है.
ओआरएस और समय पर इलाज का दिया संदेश
स्वच्छता पदाधिकारी ने कहा कि यदि डायरिया के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत ओआरएस घोल का सेवन करना चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए. समय पर उपचार से डायरिया से होने वाली गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है.
प्रधानाचार्य ने स्वच्छता अपनाने की दिलाई शपथ
विद्यालय के प्रधानाचार्य कुमार पंकज ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छता सबसे महत्वपूर्ण है. उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे स्वयं स्वच्छता के नियमों का पालन करें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें. उन्होंने कहा कि स्वच्छता ही स्वस्थ समाज की आधारशिला है.
जागरूकता सामग्री का भी किया गया प्रदर्शन
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को डायरिया के लक्षण, बचाव, उपचार, हाथों की स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल के उपयोग और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने की विस्तार से जानकारी दी गई. साथ ही 'स्टॉप डायरिया अभियान' के प्रचार-प्रसार के लिए जागरूकता सामग्री भी प्रदर्शित की गई.
शिक्षक और छात्र-छात्राएं रहे मौजूद
इस अवसर पर स्वच्छता पदाधिकारी, प्रधानाचार्य कुमार पंकज, स्वच्छता साथी सुराज राज, गौरव राज, सुनीता कुमारी, बबीता कुमारी, नैन्सी चौधरी, संतु कुमार, रत्नीश कुमार, कन्हैया कुमार समेत विद्यालय के शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.
