Mashal 2.0 Bihar : विश्व की सबसे बड़ी खेल प्रतिभा खोज प्रतियोगिता मशाल-2.0 का बिहार में गांधी जयंती के अवसर पर दो अक्टूबर को शुभारंभ होगा. इसके बाद तीन अक्टूबर से 31 दिसंबर तक राज्य के विद्यालयों में विद्यालय स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जायेगी. जनवरी में क्लस्टर व प्रखंड तथा फरवरी में जिला एवं राज्य स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी. बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवीन्द्रण शंकरण ने यह जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि मशाल-2.0 को सफल बनाने के लिए विभागीय स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही है.
200 शारीरिक शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण
इसी कड़ी में राजगीर स्थित स्टेट स्पोर्ट्स अकादमी में आयोजित दो दिवसीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्यभर के करीब 200 शारीरिक शिक्षा शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है. प्रशिक्षण प्राप्त मास्टर ट्रेनर अब अपने-अपने जिलों में अन्य शारीरिक शिक्षा शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे. उन्होंने बताया कि मशाल-2.0 में राज्य के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक सरकारी विद्यालयों के बालक-बालिकाएं भाग लेंगे.
प्रतियोगिता का उद्देश्य- छिपी प्रतिभा को निखारना
एथलेटिक्स, फुटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी और साइक्लिंग में अंडर-14 और अंडर-16 आयुवर्ग के खिलाड़ियों की प्रतिभा परखी जायेगी. प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और विद्यालय स्तर पर छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और आगे बढ़ने के लिए अवसर उपलब्ध कराना है. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को प्रतिभा पहचान की वैज्ञानिक प्रक्रिया, बैटरी टेस्ट, खिलाड़ी पंजीकरण, वेब पोर्टल संचालन, आंकड़ों के संधारण और प्रायोगिक मूल्यांकन करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है. करीब 200 प्रतिभागियों को तीन समूहों में बांटकर अलग-अलग सत्रों में प्रशिक्षण दिया गया है. पोर्टल संचालन और तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए विशेषज्ञों द्वारा व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया है, जबकि बैटरी टेस्ट के लिए अलग-अलग प्रशिक्षक टीमों की व्यवस्था की गयी थी.
पोर्टल को संचालित करने की दी गयी जानकारी
एनआईएस एथलेटिक्स कोच अभिषेक कुमार, राजीव लोचन, एसकेएस नैन, रवि रावत, खुशबू कुमारी, सौरभ, चंदन दास, विशाल, आलोक पांडेय, कुमार आनंद, मुकेश, सुधांशु, जागृति और श्याम कुमार चौधरी ने प्रशिक्षण दिया है. पोर्टल संचालन की जानकारी तकनीकी विशेषज्ञ ऋषभ, नवीन, इम्तियाज, खेमराज, शिवम, कौशल और यश ने दी है. उन्होंने बताया कि मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से अब विद्यालय स्तर पर खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता और खेल कौशल का आकलन किया जाएगा. पोर्टल आधारित पंजीकरण, बैटरी टेस्ट और प्रैक्टिकल मूल्यांकन को एकीकृत करने से प्रतिभा चयन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और सटीक होगी. इससे बिहार के ग्रामीण इलाकों और स्कूलों में छिपी प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने की राह मजबूत होगी.
