दाम में बढ़ोतरी के आस में किसानों ने स्टॉक किये प्याज, अब औने-पौने दाम में बेचने को हैं विवश

उस समय जिन किसानों को प्याज स्टॉक करने के साधन नहीं थे तो उन्होंने उस राशि में खेतों में ही प्याज बेच दिया परंतु जिन किसानों को प्याज स्टॉक करने के साधन थे़

शेखपुरा. दामों में बढ़ोतरी के आस को लेकर किसानों ने एक तरफ जहां प्याज को अपने घरों में स्टॉक किया और त्योहार के समय इसे बेचकर जहां अच्छा मुनाफा कमाने का आस संजोए हुए थे तो वही बड़ी संख्या में किसानों की आस धरी की धरी रह गयी. वर्तमान समय में स्थिति यह हो गई है कि किसान औने-पौने दाम में प्याज बेचने को विवश है और उन्हें पूंजी तक मिलना मुश्किल हो गया है. गौरतलब है कि जिस समय खेतों में प्याज की फसल तैयार थी तो उस समय खेतों में ही किसानों को व्यापारियों द्वारा करीब 1200 से लेकर 1250 सौ रुपये प्रति क्विंटल तक की कीमत दी जा रही थी. उस समय जिन किसानों को प्याज स्टॉक करने के साधन नहीं थे तो उन्होंने उस राशि में खेतों में ही प्याज बेच दिया परंतु जिन किसानों को प्याज स्टॉक करने के साधन थे तो वैसे कई किसानों ने अपने कुल उत्पादन का कुछ हिस्सा तो खेतों में प्याज बेच दिया परंतु साधन के अनुसार कई क्विंटल प्याज को स्टॉक भी कर लिया. किसानों को उम्मीद थी कि सितंबर अक्तूबर माह के आसपास के समय में प्याज की अच्छी कीमत मिल जायेगी और स्टॉक करने के बदले में उन्हें और भी अच्छा मुनाफा हो जाएगा, परंतु उनकी आस और उम्मीद धरी की धरी रह गयी.

मिल रहे हैं औने- पौने दाम : कई महीनो तक प्याज को स्टॉक करने के बावजूद अब किसानों को इसके आने-पौने दाम ही मिल रहे हैं ,जिससे किसानों में काफी निराशा देखी जा रही है. पिछले साल की बात करें तो सितंबर अक्तूबर माह में प्याज की कीमत करीब 3500 प्रति क्विंटल थी और पिछले साल जिन किसानों ने प्याज को स्टॉक किया था. उन्हें सितंबर अक्टूबर माह में प्याज की अच्छी कीमत प्राप्त हुई थी और उन्हें बेहतर मुनाफा मिला. इस बार भी किसानों ने पिछले साल वाली ही उम्मीद बनाकर रखी थी, परंतु स्थिति बिल्कुल ही उसके विपरीत हो गयी.

खेतों में तैयार हुई फसल के बराबर भी नहीं है कीमत : बताया जा रहा है कि जिस समय खेतों में प्याज की फसल तैयार हुई थी उसे समय जो प्याज की कीमत थी, उसके बराबर भी वर्तमान समय में कीमत नहीं है. उत्पादन के समय खेतों में करीब 1200 से 1250 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से किसानों ने प्याज को खेतों से ही बेच दिया था. परंतु कई किसानों ने खेतों से प्याज को अपने घर लाकर स्टॉक किया और इस दौरान भी उसके रख रखाव पर हजारों रुपये खर्च किये, परंतु वर्तमान समय में उसे पर नजर दौड़ाई जाये तो महज करीब 1000 रुपये प्रति क्विंटल का भाव थोक मार्केट में किसानों को प्राप्त हो रहा है. ऐसे में आखिरकार किसान को उनकी पूंजी भी नसीब नहीं हो रही और प्याज की कीमतों में गिरावट से किसान काफी परेशान है.

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Published by: Amlesh prasad

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