हाना गांव में खेत को लेकर बढ़ी तनातनी, किसानों ने सीओ व थानाध्यक्ष को दिया आवेदन

बिंद थाना क्षेत्र के जहाना गांव में किसानों के खेतों पर जबरन कब्जा करने और जान से मारने की धमकी का मामला सामने आया है. पीड़ित किसान न्याय और सुरक्षा की गुहार लगा रहे हैं. पुलिस जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

नालंदा के बिंद थाना क्षेत्र के जहाना गांव में एक वर्ग समुदाय के लोगों द्वारा किसानों के खेतों पर जबरन कब्जा जमाने का मामला प्रकाश में आया है. इस घटना को लेकर पीड़ित किसानों ने अंचलाधिकारी (सीओ) व थानाध्यक्ष को लिखित आवेदन देकर न्याय और अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है.

जबकि दूसरी तरफ, दूसरा पक्ष भी उक्त विवादित जमीन पर अपना दावा ठोक रहा है. पीड़ित किसान शिवनंदन राम ने अपने आवेदन में कहा है कि गांव के जनकपुर टोला निवासी विजय पासवान व अभिमन्यु पासवान के नेतृत्व में करीब 40 पुरुष व महिलाएं हरवे-हथियार से लैस होकर उनके खेत पर अवैध रूप से कब्जा करने आये थे. जब उन्होंने ऐसा करने से मना किया, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की सीधी धमकी दी.

पीड़ित ने बताया कि उक्त जमीन का कुछ हिस्सा एसएच 78 (स्टेट हाईवे) में चला गया है, जिसका उचित मुआवजा भी उन्हें सरकार से मिल चुका है. अब एक वर्ग समुदाय के लोग इस पर जबरन कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे हैं.

कवाला और रसीद होने के बाद भी दी जा रही जान से मारने की धमकी, दहशत में हैं किसान

इसी तरह एक अन्य पीड़ित बिशुनदेव प्रसाद ने मामले की शिकायत करते हुए कहा कि गांव के ही जनकपुर टोला के दयानंद पासवान, मिथिलेश पासवान, अभिमन्यु पासवान, मनोज पासवान, विजय पासवान और शिवालक पासवान एकजूट होकर उनके खेत पर आ धमके. आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए कहा कि यह खेत हमारा है, तुम लोग खेत छोड़कर तुरंत चले जाओ नहीं तो जान से मार देगें.

बिशुनदेव प्रसाद ने स्पष्ट किया कि उक्त जमीन का वर्ष 1959 ई. का कवाला व लगान रसीद आज भी उनके पास मौजूद है और वे उसी समय से लगातार उस पर शांतिपूर्ण ढंग से खेती करते आ रहे हैं. इसी प्रकार गांव के विजय कुमार, विनोद कुमार व अन्य कई किसानों ने भी अपनी-अपनी जमीन पर असामाजिक तत्वों द्वारा जबरन कब्जा करने के प्रयास की लिखित शिकायत दर्ज कराई है. गांव में एक वर्ग समुदाय के लोगों के इस तरह के मनमाने कारनामों से आम लोग काफी परेशान और डरे हुए हैं. लोगों ने थाना व सीओ को आवेदन देकर अपने जान-माल की मुकम्मल सुरक्षा करने की गुहार लगाई है.

कागजातों की बारीकी से जांच के बाद होगा असली मालिक का फैसला, पुलिस ने दी शांति बनाए रखने की हिदायत

इस संवेदनशील मामले को लेकर अंचलाधिकारी (सीओ) रामायण कुमार ने कहा कि वर्तमान में दोनों ही पक्ष उक्त जमीन पर अपना-अपना दावा पेश कर रहे हैं. इस विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत किए गए कागजातों की अंचल कार्यालय द्वारा बारीकी से जांच की जाएगी. इस गहन जांच प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा कि इस जमीन का असली कानूनी मालिक कौन है.

वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष मुरली मनोहर आजाद ने बताया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है. इसके तहत दोनों ही पक्षों को मामले के पूरी तरह सुलझने तक मौके पर शांति बनाए रखने का सख्त निर्देश दिया गया है.


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