फर्जी सर्टिफिकेट से नौकरी पाने वाले शिक्षक हो जाए सावधान, नालंदा में पंचायत शिक्षिका पर 10 साल बाद दर्ज हुई FIR

Fake Certificate Teacher Nalanda : नालंदा जिले के हिलसा प्रखंड में फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है. जुनियार पंचायत के प्राथमिक विद्यालय चकजोहरा में कार्यरत पंचायत शिक्षिका पूनम कुमारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.

Fake Certificate Teacher Nalanda : (संतोष कुमार) नालंदा जिले के हिलसा प्रखंड में फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है. जुनियार पंचायत के प्राथमिक विद्यालय चकजोहरा में कार्यरत पंचायत शिक्षिका पूनम कुमारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. निगरानी विभाग की जांच में उनके द्वारा नियोजन के समय जमा किया गया मैट्रिक प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया है.

हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई जांच में खुला मामला

जानकारी के अनुसार बिहार सरकार के निगरानी विभाग (अन्वेषण ब्यूरो), पटना द्वारा माननीय उच्च न्यायालय के निर्देश पर नियोजित शिक्षकों के शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों की जांच की जा रही थी. इसी क्रम में पंचायत शिक्षिका पूनम कुमारी के दस्तावेजों की भी जांच कराई गई.

बिहार बोर्ड की जांच में फर्जी निकला प्रमाणपत्र

निगरानी विभाग ने शिक्षिका द्वारा जमा किए गए मैट्रिक अंकपत्र और प्रमाणपत्र का सत्यापन बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना से कराया. सत्यापन रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि प्रमाणपत्र पर अंकित विवरण किसी अन्य छात्र का है. इसके बाद दस्तावेज को फर्जी और कूटरचित माना गया.

फर्जी दस्तावेज के सहारे 2015 में मिली थी नौकरी

जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि पूनम कुमारी ने कूटरचित शैक्षणिक दस्तावेज का इस्तेमाल कर वर्ष 2015 में पंचायत शिक्षिका के पद पर नियोजन प्राप्त किया था. निगरानी विभाग ने इसे धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला मानते हुए कार्रवाई की अनुशंसा की.

Nalanda News : हिलसा थाना में दर्ज हुई प्राथमिकी

निगरानी विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद हिलसा थाना में शिक्षिका के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. थानाध्यक्ष अभिजीत कुमार ने बताया कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर नौकरी करने के आरोप में पूनम कुमारी तथा मामले से जुड़े अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.

नियोजन प्रक्रिया में शामिल लोगों की भी होगी जांच

पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि नियोजन प्रक्रिया के दौरान और कौन-कौन लोग इसमें शामिल थे. यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासनिक महकमे में चर्चा तेज हो गई है. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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Published by: Vivek Singh

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