Biharsharif News: नालंदा जिले के हिलसा थाना क्षेत्र अंतर्गत कुर्मिया बिगहा गांव में अंधविश्वास और झाड़-फूंक के चक्कर में समय पर इलाज न मिलने से 74 वर्षीय एक वृद्ध की जान चली गई. बुधवार की अहले सुबह घर में सोते समय विषैले सांप के काटने के बाद परिजनों द्वारा अस्पताल के बजाय झाड़-फूंक कराने में समय गंवाने के कारण वृद्ध की हालत नाजुक हो गई, जिन्होंने हिलसा अनुमंडलीय अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. मृतक की पहचान कुर्मिया बिगहा गांव निवासी गनौरी बिंद के 74 वर्षीय पुत्र छोटू बिंद के रूप में हुई है.
घर में सोए थे वृद्ध, हाथ में सांप ने डंसा
परिजनों के अनुसार छोटू बिंद बुधवार तड़के अपने घर में सो रहे थे:
- इसी दौरान एक विषैले सांप ने उनके दाहिने हाथ में डंस लिया.
- नींद में ही उन्होंने हाथ झटककर सांप को अलग किया और तत्काल घटना की जानकारी घर के अन्य सदस्यों को दी.
अस्पताल के बदले पहुंचे साधु के पास, बिगड़ती चली गई स्थिति
सर्पदंश की सूचना मिलने के बाद परिजनों ने समझदारी दिखाने के बजाय अंधविश्वास का सहारा लिया:
- परिजन घायल वृद्ध को तुरंत अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने के लिए पास के एक साधु (ओझा) के पास लेकर चले गए.
- झाड़-फूंक के दौरान विष पूरे शरीर में फैल गया और वृद्ध की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी तथा वे अचेत होने लगे.
- स्थिति अत्यंत नाजुक होने पर परिजन उन्हें लेकर हिलसा अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे.
डॉक्टरों की कोशिश नाकाम, अस्पताल में पसरा मातम
अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. मंजीत गुजराल की देखरेख में मेडिकल टीम ने तुरंत आपातकालीन उपचार शुरू किया:
- करीब एक घंटे तक चले गहन इलाज के बावजूद शरीर में जहर अत्यधिक फैल जाने के कारण वृद्ध की जान नहीं बचाई जा सकी और अंततः चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
- मौत की पुष्टि होते ही अस्पताल परिसर में परिजनों के बीच चीख-पुकार मच गई.
स्थानीय प्रबुद्धजनों और चिकित्सकों ने आम लोगों से पुनः अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक और ओझा-गुणी के चक्कर में बहुमूल्य समय बिल्कुल न गंवाएं, बल्कि पीड़ित को सीधे नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं जहां एंटी-स्नेक वेनम (Anti-Snake Venom) के जरिए समय रहते जान बचाई जा सके.
