नालंदा में खरीफ खेती की तैयारियों की समीक्षा, 47.53% फसल आच्छादन पूरा, 35 उर्वरक दुकानों के लाइसेंस निलंबित

नालंदा जिले में खरीफ मौसम की तैयारियों को लेकर उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में बैठक हुई. जिले में 47.53% फसल आच्छादन पूरा हो चुका है और 2117 किसान जैविक खेती से जुड़ चुके हैं. वहीं, खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए 35 दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं.

नालंदा जिले में खरीफ मौसम की तैयारियों, किसानों के लिए संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और कृषि विभाग की प्रगति की समीक्षा को लेकर शनिवार को उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सारा अशरफ की अध्यक्षता में जिला कृषि टास्क फोर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई.

बैठक में खरीफ वर्ष 2026-27 के लिए संचालित योजनाओं, फसल आच्छादन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, जैविक खेती, उर्वरकों की उपलब्धता, प्राकृतिक खेती सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई और अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए.

खरीफ फसल आच्छादन 47.53% पूरा, समय पर बीज-खाद देने का निर्देश

बैठक में खरीफ फसल आच्छादन की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में अब तक निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 47.53 प्रतिशत फसल आच्छादन पूरा किया जा चुका है. डीडीसी ने शेष लक्ष्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर हर हाल में पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक और अन्य कृषि आदानों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए.

वहीं, पीएम किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को सभी पात्र किसानों का शत-प्रतिशत पंजीकरण और आधार सत्यापन शीघ्र पूरा करने को कहा गया, ताकि कोई भी किसान सरकारी लाभ से वंचित न रहे.

जैविक खेती से जुड़े 2117 किसान, खाद की कालाबाजारी पर 35 दुकानें निलंबित

समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले के 18 क्लस्टरों में 2,000 एकड़ क्षेत्रफल को शामिल करते हुए 2,117 किसानों को जैविक खेती से जोड़ा गया है. डीडीसी ने जैविक प्रमाणन की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया.

उर्वरकों की उपलब्धता पर अधिकारियों ने बताया कि जिले में यूरिया, डीएपी, एमओपी, एनपीके और एसएसपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है. उर्वरकों की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए अब तक 313 छापेमारी अभियान चलाए गए, जिनमें 45 प्रतिष्ठानों से स्पष्टीकरण मांगा गया और गंभीर अनियमितता पाए जाने पर 35 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए.

आधुनिक खेती, ड्रोन तकनीक और अन्य योजनाओं पर जोर

बैठक में मिट्टी जांच प्रयोगशाला, उद्यान विभाग की नारियल पौध वितरण योजना तथा मशरूम, मक्का और चीना किट वितरण की भी समीक्षा की गई. पौधा संरक्षण के तहत ड्रोन से कीटनाशी और तरल उर्वरकों के छिड़काव जैसे आधुनिक कृषि नवाचारों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया.

इसके अलावा, प्राकृतिक खेती के तीन नए क्लस्टरों में तेजी लाने और 'आत्मा' के माध्यम से किसान-वैज्ञानिक संवाद व प्रशिक्षण आयोजित करने पर बल दिया गया. बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, उद्यान, आत्मा, भूमि संरक्षण और मिट्टी जांच प्रयोगशाला सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे.

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By Kanchan kumar

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