नालंदा: स्कूल निर्माण को लेकर नेपुरा बैरौटी में विवाद, दलित परिवारों ने निजी जमीन पर दबाव बनाने का लगाया आरोप

नेपुरा बैरौटी गांव में स्कूल निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है. दलित परिवारों का आरोप है कि उनकी निजी जमीन पर निर्माण का दबाव बनाया जा रहा है और विरोध करने पर उन्हें गांव से निकालने की धमकी दी जा रही है. मामले की जांच और सुरक्षा की गुहार लगाई गई है.

Nalanda School Construction Dispute: दीपनगर थाना क्षेत्र के नेपुरा बैरौटी गांव में स्कूल निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. गांव के दलित परिवारों ने एक व्यक्ति पर निजी जमीन पर स्कूल निर्माण के लिए दबाव बनाने, लगातार धमकी देने और विरोध करने पर गांव से बाहर निकालने की धमकी देने का आरोप लगाया है. पीड़ित परिवारों ने बिहारशरीफ अनुमंडल पदाधिकारी और अंचलाधिकारी को लिखित आवेदन देकर मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है.

पीड़ित परिवारों का आरोप है कि उनकी निजी जमीन पर स्कूल निर्माण कराने का प्रयास किया जा रहा है. मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन के स्तर से फिलहाल निर्माण कार्य स्थगित करा दिया गया है. हालांकि, पीड़ित परिवारों का कहना है कि इसके बावजूद संबंधित पक्ष की ओर से उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है.

विरोध करने पर गांव छोड़ने की धमकी का आरोप

पीड़ित परिवारों के अनुसार, स्कूल निर्माण का विरोध करने पर उन्हें गांव छोड़ने की धमकी दी जा रही है. इससे परिवारों में भय का माहौल बना हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि मामले का समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो गांव में तनाव और बढ़ सकता है.

पंचायत चुनाव को लेकर भी तनाव की आशंका

ग्रामीणों के अनुसार, आगामी पंचायत चुनाव को लेकर भी गांव में तनाव बढ़ने की आशंका है. आरोप है कि गांव का ही एक व्यक्ति मुखिया पद के लिए चुनाव की तैयारी कर रहा है और उसके द्वारा स्कूल निर्माण के लिए दलित परिवारों की निजी जमीन पर दबाव बनाया जा रहा है. हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.

स्कूल के प्रधानाध्यापक की भूमिका को लेकर भी सवाल

पीड़ितों का कहना है कि स्कूल के प्रधानाध्यापक की ओर से अब तक इस विवाद को लेकर वरीय अधिकारियों के समक्ष कोई स्पष्ट आवेदन नहीं दिया गया है. ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और निजी जमीन की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है.

परिवारों ने सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की

पीड़ित परिवारों ने अधिकारियों से मामले में कार्रवाई और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय रहते विवाद का समाधान नहीं किया गया, तो गांव में तनाव की स्थिति और गंभीर हो सकती है.

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By अमर वर्मा

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