करेंट अफेयर्स के प्रश्नों में उलझे बीपीएससी अभ्यर्थी

बिहार लोक सेवा आयोग की 71वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगिता परीक्षा शनिवार को जिले के 30 परीक्षा केन्द्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में आयोजित की गई .

बिहारशरीफ. बिहार लोक सेवा आयोग की 71वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगिता परीक्षा शनिवार को जिले के 30 परीक्षा केन्द्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में आयोजित की गई . परीक्षा का आयोजन मध्याह्न 12:00 बजे से 02:00 बजे अपराह्न तक किया गया. हालांकि दूसरे जिलों के अभ्यर्थी होने के कारण वे सुबह 8:00 बजे से ही परीक्षा केन्द्रों के आसपास ही घूमते नजर आए. निर्धारित समय के 01 घंटा पूर्व तक अभ्यर्थियों को परीक्षा केन्द्रों में प्रवेश दिया गया. सभी परीक्षा केन्द्रों पर अधिकारी से लेकर पुलिस बल मुस्तैद दिखी. देर से आने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर नहीं मिला. हालांकि अधिकांश परीक्षा केन्द्रों पर काफी संख्या में अभ्यर्थी अनुपस्थित भी पाए गए. जिले के कुल 30 परीक्षा केन्द्रों पर 21480 अभ्यर्थियों को सीटें आवंटित की गई थी, हालांकि कई परीक्षा केन्द्रों पर तो बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अनुपस्थित पाये गए. स्थानीय नालंदा कॉलेज परीक्षा केंद्र पर 1200 अभ्यर्थियों में से 372 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे. इसी प्रकार आरपीएस स्कूल मकनपुर परीक्षा केंद्र पर 00 में 371 अभ्यर्थी तो पटेल कॉलेज बिहार शरीफ परीक्षा केंद्र में 1200 अभ्यर्थियों में से 355 अभ्यर्थी अनुपस्थित पाए गए सदर अलम मेमोरियल स्कूल बिहार शरीफ परीक्षा केंद्र पर 310 आरडीएक्स प्लस टू हाई स्कूल राजगढ़ परीक्षा केंद्र पर 287 तो किस कॉलेज परीक्षा केंद्र से 278 अभ्यर्थी परीक्षा से अनुपस्थित पाए गए कुल मिलाकर 14995 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए जबकि 6485 अभ्यर्थी परीक्षा से अनुपस्थित पाए गए. सभी परीक्षा केन्द्रों पर अभ्यर्थियों को प्रवेश द्वार पर ही कड़ी तलाशी के बाद परीक्षा भवन में प्रवेश दिया गया. इस दौरान अभ्यार्थियों की फोटो पहचान पत्र से मिलान भी की गई. किसी भी परीक्षा केंद्र से कोई गड़बड़ी आदि की सूचना नहीं है. करंट अफेयर के प्रश्नों में उलझे अभ्यर्थी:- परीक्षा के बाद परीक्षा केंद्र से बाहर निकल रहे अधिकांश अभ्यर्थियों ने बताया कि इस बार परीक्षा में करंट अफेयर्स के प्रश्न अधिक कठिन पूछे गए. परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग रहने के कारण उन्हें काफी संभल कर प्रश्नों का उत्तर देना पड़ा. तीन प्रश्नों का उत्तर गलत देने पर एक सही उत्तर का नंबर कट सकता था. अधिकांश छात्र-छात्राओं ने बताया कि कुल 150 वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में उन्होंने लगभग 110 से लेकर 120 प्रश्नों का सही उत्तर देने में सफल रहे हैं. छात्र-छात्राओं ने बताया कि इतिहास, आर्थिक नीति, राजनीति, भूगोल आदि से जुड़े प्रश्न भी थोड़े कठिन प्रतीत हुए. उन्होंने कहा कि सामान्य ज्ञान का क्षेत्र काफी विस्तृत रहने के कारण इसमें शत-प्रतिशत प्रश्नों को हल करना आसान नहीं होता है.

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By SANTOSH KUMAR SINGH

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