Bihar Sharif (उज्ज्वलानंद गिरि): पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ उपेंद्र प्रसाद सिंह द्वारा नालंदा कॉलेज के 13 प्राध्यापकों एवं शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद शैक्षणिक महकमे में हड़कंप मच गया है. कुलपति ने विगत बुधवार को कॉलेज का औचक निरीक्षण किया था, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक अनुपस्थित पाए गए थे.
मामले को गंभीरता से लेते हुए कुलपति ने सभी संबंधित शिक्षकों को 24 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है। जानकारी के अनुसार, निरीक्षण के दौरान कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ आरपी कच्छवे सहित कुल 13 शिक्षक अनुपस्थित मिले थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे शैक्षणिक अनुशासन में लापरवाही मानते हुए तत्काल स्पष्टीकरण जारी किया है.
विश्वविद्यालय सूत्रों के मुताबिक, निर्धारित समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ विश्वविद्यालय स्तर से अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है.
कार्रवाई की जद में आने वाले शिक्षकों में उर्दू विभाग के शाहीदुर रहमान, गणित विभाग के डॉ बृजनंदन प्रसाद, अर्थशास्त्र विभाग के डॉ श्रवण कश्यप, हिंदी विभाग के डॉ श्याम सुंदर प्रसाद, फिलॉसफी विभाग की डॉ श्रद्धा कुमारी, पॉलिटिकल साइंस विभाग के डॉ मनोज कुमार तथा भूगोल विभाग के डॉ भावना, अली मोहम्मद और डॉ कुमारी सिंधु शामिल हैं. इसके अलावा बॉटनी विभाग के डॉ सुमित कुमार से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है.
इसी प्रकार प्रभारी प्राचार्य डॉ आरपी कच्छवे के साथ-साथ गेस्ट टीचर अर्थशास्त्र विभाग के मो आलम एवं इतिहास विभाग के मो इकबाल से भी जवाब तलब किया गया है.
विश्वविद्यालय प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद न केवल नालंदा कॉलेज बल्कि जिले के अन्य महाविद्यालयों में भी शिक्षकों के बीच हलचल बढ़ गई है। शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि कुलपति की इस सख्ती से महाविद्यालयों में शैक्षणिक अनुशासन मजबूत होगा तथा शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो सकेगी.
