नालंदा (बिहारशरीफ) से रामविलास की रिपोर्ट
Bihar Sharif News : एक महीने तक चलने वाला पुरुषोत्तम मास मेला (मलमास मेला) अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है. मेले के समापन में महज दो दिन शेष रहने के कारण राजगीर में श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है. पुण्य स्नान, धार्मिक अनुष्ठान, मंदिर दर्शन और मनोरंजन के लिए पहुंच रहे लोगों की संख्या में लगातार भारी वृद्धि हो रही है. इससे शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई है. शनिवार, रविवार और सोमवती अमावस्या को लेकर श्रद्धालुओं की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हुई है. इसका असर पूरे शहर की सड़कों पर साफ दिखाई दे रहा है. नेशनल हाईवे समेत राजगीर की प्रमुख सड़कें दिनभर जाम की गिरफ्त में रह रही है.
भीड़ का दबाव बढ़ा, राजगीर की प्रमुख सड़कें पूरी तरह ठप
वाहनों की लंबी कतारें लगने से लोगों को घंटों तक फंसे रहना पड़ रहा है. स्थिति ऐसी हो रही है कि कई स्थानों पर पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को भी आगे बढ़ने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. शहर का प्रमुख पटेल चौक, गिरियक रोड चौराहा, राजगीर-बिहारशरीफ मार्ग, वीरायतन मोड़, गिरियक रोड चौराहा, छबिलापुर रोड, धर्मशाला रोड, कॉलेज रोड तथा कुंड जाने वाली सड़कें लगातार दबाव में रह रही है. सड़क के दोनों ओर वाहनों की भीड़ और अनियंत्रित पार्किंग के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है. कई जगहों पर वाहन रेंगते नजर आते हैं.
श्रद्धालुओं और व्यापारियों में नाराजगी
श्रद्धालुओं का कहना है कि मेले के अंतिम दिनों में भीड़ का अनुमान पहले से था, इसके बावजूद यातायात प्रबंधन को लेकर पर्याप्त तैयारी नहीं की गयी. शहर के कई महत्वपूर्ण चौक-चौराहों पर यातायात पुलिस नहीं, थाने की महिला पुलिस नजर आये. इसके कारण वाहन चालक अपनी सुविधा अनुसार वाहन चलाते रहे. जाम की स्थिति और गंभीर होती गयी. व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से बेहतर यातायात व्यवस्था की मांग की है. उनका कहना है कि राजगीर जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और धार्मिक महत्व के शहर में बड़े आयोजनों के दौरान प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन आवश्यक है.
ट्रैफिक व्यवस्था पर बढ़ा दबाव
मेला के दौरान जिला प्रशासन द्वारा अतिरिक्त पुलिस बल, पार्किंग व्यवस्था और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गयी है. बावजूद लोगों को इतनी परेशानी झेलनी पड़ती. मलमास मेला के अंतिम दो दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है. ऐसे में प्रशासन के समक्ष यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है.
