'श्याम का लाडला' बनकर लोगों को ठगने का आरोप, नालंदा के चर्चित ठगी मामले में नया खुलासा, शिकायतकर्ता ने आरोपी पर लगाए गंभीर आरोप

Bihar Sharif News : 'श्याम का लाडला' पर ठगी के नए आरोप, शिकायतकर्ता ने प्रेसवार्ता में किए कई बड़े खुलासे. नीचे पढ़िए पूरी खबर.

बिहारशरीफ से अमर वर्मा की रिपोर्ट
Bihar Sharif News : धर्म, आस्था और सेवा के नाम पर लोगों का विश्वास जीतने के बाद करोड़ों रुपये की कथित ठगी करने के आरोपों में न्यायिक हिरासत में बंद नीतीश कुमार उर्फ डब्लू, जो खुद को “श्याम का लाडला” बताता था और बाबा खाटू श्याम से सीधी बात करने का दावा करता था, उसके खिलाफ शिकायतकर्ता वीरेंद्र प्रसाद ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता कर कई नए और गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि आरोपी केवल जमीन ठगी तक सीमित नहीं था, बल्कि संगठित तरीके से लोगों का भरोसा जीतकर आर्थिक लाभ लेने का काम करता था.

ढाई साल की दोस्ती बनी ठगी की वजह, आरोपी पर जमीन के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप

स्थानीय रामचंद्रपुर के शिवपुरी मोहल्ला निवासी व्यवसायी वीरेंद्र प्रसाद ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनकी और आरोपी की दोस्ती करीब ढाई वर्ष पुरानी थी. इसी विश्वास का लाभ उठाकर आरोपी ने उन्हें सिपाह मौजा स्थित करीब 10 डिसमिल जमीन खरीदने का प्रस्ताव दिया. आरोपी ने जमीन को विवादमुक्त और सुरक्षित निवेश बताकर उन्हें खरीदारी के लिए तैयार किया.

फर्जी व्यक्ति को असली जमीन मालिक बताकर कराया एग्रीमेंट

वीरेंद्र प्रसाद का आरोप है कि 27 जनवरी 2026 को नीतीश कुमार ने दिल्ली निवासी वास्तविक जमीन मालिक की जगह एक अन्य व्यक्ति को ‘जितेंद्र प्रसाद’ बनाकर प्रस्तुत किया. आरोप है कि उसके लिए नकली आधार कार्ड तक तैयार कराया गया. उसी फर्जी पहचान के आधार पर जमीन बिक्री का एग्रीमेंट कराया गया और उनसे 3 करोड़ रुपये ले लिए गए. उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्हें किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ, क्योंकि आरोपी से पुराने संबंध थे और पूरा सौदा विश्वास के आधार पर कराया गया था.

नापी के दौरान खुली कथित साजिश की परतें

शिकायतकर्ता के अनुसार, 14 फरवरी 2026 को जब वे जमीन की नापी कराने पहुंचे तो उन्हें पता चला कि जिस व्यक्ति के नाम पर जमीन बेची गई थी, वह वास्तव में दिल्ली में रहता है और उसने अपनी जमीन बेची ही नहीं है. यहीं से पूरे मामले का खुलासा हुआ और उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ कथित धोखाधड़ी हुई है.

पंचायत में रुपये लेने की बात स्वीकार करने का दावा

वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि 15 फरवरी को आरोपी के घर पर पंचायत बुलाई गई. उनका दावा है कि पंचायत में नीतीश कुमार ने 3 करोड़ रुपये प्राप्त करने की बात स्वीकार की हालांकि, जब लिखित समझौता तैयार किया गया तो 5 हजार रुपये के नॉन-ज्यूडिशियल स्टांप पेपर पर जमीन बिक्री के बजाय उसे ‘कर्ज’ का लेन-देन दर्शा दिया गया. शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाद में आरोपी इस समझौते से भी मुकर गया.

मंदिर निर्माण के नाम पर चंदा जुटाने का भी आरोप

प्रेसवार्ता में वीरेंद्र प्रसाद ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार ने बाबा खाटू श्याम मंदिर निर्माण के नाम पर देश-विदेश के श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से करोड़ों रुपये का चंदा जुटाया. उनका दावा है कि यह राशि किसी ट्रस्ट के खाते में जमा नहीं कराई गई, बल्कि आरोपी के निजी बैंक खातों में मंगवाई गई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण के लिए कोई विधिवत ट्रस्ट नहीं बनाया गया और न ही चंदे का ऑडिट कराया गया.

‘श्याम क्रेडिट बाजार’ और NGO के जरिए धन जुटाने का आरोप

शिकायतकर्ता ने प्रेसवार्ता में आरोपी से जुड़े कई अन्य मामलों का भी उल्लेख किया. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में आरोपी ने अपने ही शोरूम में आग लगाकर करीब 1.30 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम लेने का प्रयास किया. इसके अलावा एसबीआई और कॉर्पोरेशन बैंक के माध्यम से किसानों के नाम पर फर्जी ऋण निकलवाने के मामले का भी जिक्र किया और दावा किया कि इस प्रकरण की सीबीआई जांच चल रही है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ‘श्याम क्रेडिट बाजार’ और ‘समर्पण एनजीओ’ जैसी संस्थाओं के माध्यम से हजारों लोगों को सदस्य बनाकर धन एकत्र किया गया, लेकिन आम लोगों को उसका कोई ठोस लाभ नहीं मिला.

शिकायतकर्ता वीरेंद्र प्रसाद की तस्वीर

न्यायिक हिरासत में बंद आरोपी पर लगे नए आरोप

उल्लेखनीय है कि इस कथित ठगी मामले में गिरफ्तार नीतीश कुमार उर्फ डब्लू 13 जून 2026 से न्यायिक हिरासत में हैं. मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कुलदीप सिंह की अदालत में दायर जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपी के आपराधिक इतिहास और उपलब्ध साक्ष्यों का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया था. अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी थी.

गिरफ्तार आरोपी

पुलिस जांच जारी, न्याय की गुहार

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. शिकायतकर्ता वीरेंद्र प्रसाद का कहना है कि उन्होंने जमीन गिरवी रखकर और रिश्तेदारों से कर्ज लेकर आरोपी को 3 करोड़ रुपये दिए थे. अब वे अपनी रकम वापस मिलने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

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