NALSA Jagriti Yojana (सुनील कुमार): बिहार के नालंदा जिलांतर्गत बिहारशरीफ में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह प्रधान जिला जज (डीजे) सुशांत कुमार के आदेशानुसार एक विशेष कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. प्राधिकार के सचिव सह सब जज राजेश कुमार गौरव के संचालन में यह कार्यक्रम गिरियक थाना क्षेत्र के घोसरावां पंचायत भवन में आयोजित हुआ. इस शिविर की अध्यक्षता पैनल अधिवक्ता रवि प्रकाश और पीएलवी राकेश कुमार मिश्रा ने की.
इस दौरान कार्यक्रम का सफल संचालन पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि धर्मेंद्र कुमार सिंह द्वारा किया गया, जबकि पंचायत सदस्य संतोष और जितेंद्र कुमार ने इसमें सक्रिय सहयोग प्रदान किया.
क्या है नालसा जागृति योजना 2026?
शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को ‘नालसा जागृति योजना 2026’ (NALSA Jagriti Yojana 2026) के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. वक्ताओं ने बताया कि इस योजना का अर्थ “जमीनी स्तर पर जानकारी और पारदर्शिता पहल के लिए न्यायिक जागरूकता” है.
कानूनी सेवा संस्थानों को आपस में जोड़कर जमीनी स्तर पर, विशेषकर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में रहने वाले आम लोगों को उनके कानूनी अधिकारों और कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना है. इससे समाज के गरीब, निर्धन और अशिक्षित नागरिक भी बिना किसी हिचकिचाहट के कानूनी सहायता का लाभ उठा सकेंगे.
घरेलू हिंसा और बाल विवाह को रोकने पर विशेष ध्यान
इस योजना के तहत कई प्रकार की सहायता और कल्याणकारी नीतियां चलाई जा रही हैं. शिविर में बताया गया कि इस अभियान का मुख्य फोकस महिलाओं और बच्चों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर है. इसके जरिए समाज में फैले बाल विवाह और घरेलू हिंसा जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ लोगों को शिक्षित व जागरूक किया जा रहा है.
हेल्पलाइन नंबर 15100 से मिलेगी मदद
विधिक सेवा प्राधिकार के सदस्यों ने जानकारी दी कि इन योजनाओं के बारे में अधिक जानकारी या किसी भी प्रकार की मुफ्त कानूनी सहायता के लिए नागरिक सीधे नालसा (NALSA) की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं. इसके अलावा राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 15100 पर कॉल करके भी मदद ली जा सकती है.
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि इस तरह के अभियानों से जब लोग अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग होंगे, तभी न्याय तक उनकी पहुंच आसान होगी और योजना का उद्देश्य सफल होगा. इस महत्वपूर्ण विधिक शिविर में रामानुज कुमार, बालेश्वर यादव, महेंद्र रविदास, मोहन रविदास और नंदू सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे.
