मिडवाइफरी कार्यशाला में रेफरल अस्पताल बरबीघा को मिला बड़ी उपलब्धि

पटना में मंगलवार को आयोजित मिडवाइफरी प्रोग्राम बिहार की राज्य स्तरीय कार्यशाला में रेफरल अस्पताल बरबीघा को एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई.

बरबीघा. पटना में मंगलवार को आयोजित मिडवाइफरी प्रोग्राम बिहार की राज्य स्तरीय कार्यशाला में रेफरल अस्पताल बरबीघा को एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई. प्रभारी डॉ फैजल अरशद की अगुवाई में लगातार हो रहे सिजेरियन ऑपरेशन के कारण अस्पताल को सिजेरियन सेक्शन में बेहतर सेवाओं के लिए चयनित किया गया. यह चयन मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर किया गया. उत्कृष्ट प्रदर्शन को लेकर रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ फैजल अरशद को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया. इस अवसर पर डॉ नूर फातिमा, डॉ रचिता और अस्पताल के मैनेजर त्रिलोकी नाथ पांडेय भी उपस्थित रहे.वही, कार्यशाला के दौरान बिहार सरकार की स्टेट क्वॉलिटी एश्योरेंस कमिटी द्वारा लक्ष्य के सभी मानकों को सफलतापूर्वक पूरा करने पर रेफरल अस्पताल बरबीघा में संचालित लेबर रूम एवं एमओटी (मेजर ऑपरेशन थिएटर) को भी सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया. इस अवसर पर रेफरल अस्पताल बरबीघा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ फैजल अरशद ने अस्पताल को मिली इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ एवं स्वास्थ्य कर्मियों के प्रति आभार जताया. डॉ फैजल अरशद ने कहा कि यह सम्मान हमारे अस्पताल के सभी डॉक्टरों, नर्सों, एएनएम, जीएनएम एवं समस्त स्वास्थ्य कर्मियों की टीमवर्क और निरंतर मेहनत का परिणाम है. हम सभी का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है. आगे भी हम लक्ष्य के मानकों के अनुरूप सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे. इस उपलब्धि से बरबीघा रेफरल अस्पताल की पहचान राज्य स्तर पर मजबूत हुई है, बल्कि शेखपुरा जिले में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों का भरोसा भी और अधिक बढ़ा है. गौरतलब हो कि डॉ फैजल अरशद को प्रभारी चिकित्सा अधिकारी बनने के बाद अस्पताल के स्वास्थ्य सेवाओं में उत्तरोत्तर सुधार देखने को मिला है. बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ 24 घंटे डॉक्टरों की उपस्थिति तथा उत्तम साफ-सफाई की व्यवस्था के कारण मरीज प्राइवेट से ज्यादा सरकारी अस्पताल पर भरोसा करने लगे हैं. सामान्य प्रसव के साथ-साथ सिजेरियन करवाने से भी नहीं हिचकते है. डॉ फैजल अरशद का कहना है कि यह सब कुछ दिनों का नहीं बल्कि डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों के वर्षों के अथक प्रयास का नतीजा है. इस उपलब्धि के लिए अस्पताल के डॉ आनंद कुमार, डॉ नितेश कुमार, डॉ सोमा, डॉ रंजीत कुमार सहित अन्य ने भी बधाई दी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Amlesh prasad

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >