शेखपुरा. बिहार राज्य व्यवहार न्यायालय कर्मचारी संघ के आंदोलन कर्मचारियों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर सामने आया है. जिले के 10 चतुर्थ वर्गीय न्यायालय कर्मचारी अब तृतीय वर्ग के कर्मचारियों के रूप में प्रोन्नति प्राप्त करने के मार्ग में आगे बढ़ गए हैं. इसी साल 9 जनवरी को आयोजित लिखित परीक्षा में जिले के 10 न्यायालय कर्मचारियों ने सफलता प्राप्त की है. जिसमें विनोद कुमार राम, अनंत कुमार, मनीष कुमार, मुन्ना कुमार, मो इरशाद, जयराम कुमार, अजीत कुमार, संतोष कुमार, धनंजय कुमार और अजीत कुमार शामिल है. हालांकि यहां से 20 न्यायालय कर्मचारियों ने प्रोन्नति के लिए आयोजित विशेष परीक्षा में भाग लिया था और इन सभी सफल प्रतिभागियों को 11 और 12 मई को आयोजित साक्षात्कार प्रक्रिया से गुजरना होगा. इस संबंध में जानकारी देते हुए बिहार राज्य व्यवहार न्यायालय कर्मचारी संघ के संगठन सचिव अजीत कुमार ने बताया कि केंद्रीयकृत चयन एवं नियुक्ति समिति द्वारा पूरे राज्य के 774 कर्मचारियों को सफल घोषित किया गया है. जबकि 314 कर्मचारियों को असफल बताया गया है. क्योंकि इन सभी ने उत्तर पुस्तिकाओं में अपनी व्यक्तिगत पहचान उजागर कर दी थी. जबकि, इस संबंध में स्पष्ट रूप से पहचान उजागर नहीं करने का निर्देश प्राप्त था. उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की उपलब्धि किसी एक की सफलता नहीं है. बल्कि संघ के पदाधिकारी के संयुक्त प्रयास का प्रतिफल है. इस संबंध में कर्मचारी संघ ने पटना उच्च न्यायालय के साथ-साथ इस प्रक्रिया में जुड़े सभी न्यायाधीशों के प्रति आभार व्यक्त किया है. बताया कि कर्मचारियों के संख्या में बढ़ोतरी से न्यायालय कार्यों के निष्पादन में तेजी आएगी तथा आम लोगों को समयबद्ध न्याय मिलने की प्रक्रिया आसान और सशक्त हो जाएगी. अपर डिविजन क्लर्क के पद पर न्यायालय में कार्यरत दफ्तरी, नाइट गार्ड, अटेंडेंट, प्रोसेस सर्वर आदि पद पर कार्यरत कर्मचारी को प्रोन्नति का लाभ दिए जाने को लेकर परीक्षा आयोजित की गई थी.
शेखपुरा के 10 न्यायालय कर्मी को मिली प्रोन्नति
बिहार राज्य व्यवहार न्यायालय कर्मचारी संघ के आंदोलन कर्मचारियों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर सामने आया है.
