CM Samrat Gift: रक्षाबंधन से पहले बिहार की महिलाओं और बेटियों के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कई ऐलान किए हैं. सरकार ने अगले तीन वर्षों में 1 करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा है. इसके साथ ही छात्राओं की सुरक्षा, उच्च शिक्षा और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए भी कई योजनाओं की शुरुआत की गई है.
पटना के ज्ञान भवन से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 4,700 स्कूटी और मोटरसाइकिलों को रवाना किया. ये वाहन ‘पुलिस दीदी’ यानी अभया ब्रिगेड को दिए गए हैं.
स्कूल-कॉलेज और बाजारों में बढ़ेगी सुरक्षा
‘पुलिस दीदी’ को दिए गए वाहनों का इस्तेमाल महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए किया जाएगा. पुलिस दीदी स्कूल, कॉलेज, बाजार और प्रमुख सड़कों के आसपास गश्त करेंगी.
इसका उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित माहौल देना है. साथ ही कमजोर वर्गों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं की पहुंच भी बेहतर करने की कोशिश होगी.
27 और 28 अगस्त को महिलाओं का बस किराया माफ
रक्षाबंधन पर सरकार ने महिलाओं को एक और बड़ी राहत दी है. 27 अगस्त की सुबह से 28 अगस्त की रात 10 बजे तक महिलाएं सरकारी बसों में मुफ्त सफर कर सकेंगी.
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की 1,000 से अधिक बसों में यह सुविधा मिलेगी. महिलाएं शहर के भीतर और अंतर-जिला बसों में बिना किराया दिए यात्रा कर सकेंगी.
सरकार का मकसद है कि बहनें आसानी से अपने मायके और परिवार के लोगों से मिलने जा सकें.
पीएचडी करने वाली छात्राओं को हर महीने 10 हजार
मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना भी शुरू की गई है. इसके तहत 1,000 छात्राओं को चार साल तक हर महीने 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी.
इस योजना से छात्राओं को पीएचडी के दौरान पढ़ाई और रिसर्च से जुड़े खर्चों में मदद मिलेगी. सरकार उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में बेटियों की भागीदारी बढ़ाना चाहती है.
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बेटियों को स्टार्टअप के लिए मिलेंगे 2 लाख तक
बिहार की बेटियों को उद्यमिता से जोड़ने के लिए ‘बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना’ की शुरुआत भी की गई है.
इसके तहत स्टार्टअप शुरू करने वाली बेटियों को 50 हजार से 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिलेगी. इससे युवा महिलाएं अपने बिजनेस आइडिया को जमीन पर उतार सकेंगी.
3 साल में 1 करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अगले तीन वर्षों में 1 करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने का संकल्प लिया है. सरकार का फोकस महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर है.
रक्षाबंधन से पहले शुरू की गई इन योजनाओं में सुरक्षा से लेकर रोजगार, शिक्षा और उद्यमिता तक पर जोर दिया गया है. सरकार का दावा है कि इन पहलों से राज्य की महिलाओं और बेटियों के लिए नए अवसर खुलेंगे.
