Bihar Motor Vehicle Tax: अगर आप नई बाइक या स्कूटी खरीदने की सोच रहे हैं, तो अब आपको जेब ज्यादा ढीली करनी होगी. परिवहन विभाग ने मोटरवाहन टैक्स में बढ़ोतरी करने की अधिसूचना जारी कर दी है. नए नियमों के मुताबिक, दोपहिया वाहनों को उनकी कीमत के आधार पर चार अलग-अलग कैटेगरी में बांटकर टैक्स वसूला जाएगा.
इसके तहत 1 लाख रुपया तक की कीमत वाली बाइक या स्कूटी पर एक्स-शोरूम दाम का 9% टैक्स देना होगा. 1 लाख रुपया से अधिक और 8 लाख तक की गाड़ियों पर कुल कीमत का 10% टैक्स तय किया गया है.
महंगी और सुपरबाइक्स पर लगेगा भारी टैक्स
विभाग ने महंगी और प्रीमियम मोटरसाइकिलों पर टैक्स की दरें काफी ज्यादा बढ़ा दी हैं. अधिसूचना के अनुसार, 8 लाख से लेकर 15 लाख तक की कीमत वाले दोपहिया वाहनों पर अब कुल कीमत का 11% टैक्स देना होगा. जो लोग 15 लाख से अधिक कीमत वाली सुपरबाइक्स या प्रीमियम दोपहिया वाहन खरीदेंगे, उन्हें एकमुश्त 13% की दर से भारी-भरकम टैक्स चुकाना पड़ेगा.
4 सीटों वाले तिपहिया वाहनों के लिए नया टैक्स नियम
नए नियमों में चार लोगों की बैठने की क्षमता वाले नए ऑटो के लिए भी टैक्स की दरें तय कर दी गई हैं. इन गाड़ियों के मालिकों को पूरे 15 वर्षों के लिए एकमुश्त 11000 टैक्स देना होगा. विभाग ने इसमें सुविधा देते हुए दो और विकल्प भी दिए हैं.
पहले विकल्प के तहत वाहन मालिक शुरुआती 10 वर्षों के लिए एकमुश्त 7700 दे सकते हैं. इसके बाद गाड़ी के 10 वर्ष पुराने होने पर अगले 5 वर्षों के लिए उन्हें 7000 का टैक्स देना होगा.
7 सीटर ऑटो के लिए भी टैक्स की दरें तय
बड़ी बैठान क्षमता यानी सात लोगों की क्षमता वाले नए रजिस्टर्ड तिपहिया वाहनों के लिए टैक्स की राशि थोड़ी अधिक रखी गई है. ऐसे वाहनों को 15 सालों के लिए एकमुश्त 16000 का टैक्स चुकाना होगा. इस कैटेगरी में भी वाहन मालिकों को राहत देने के लिए विकल्प दिए गए हैं. वे चाहें तो पहले 10 वर्षों के लिए एकमुश्त 12000 का भुगतान कर सकते हैं और इसके बाद अगले 5 वर्षों के लिए उन्हें 10000 का टैक्स देना होगा.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
व्यापारी, निर्माता और भारी वाहनों के लिए सालाना कर की नई दरें लागू
परिवहन विभाग ने सिर्फ आम गाड़ी खरीदारों पर ही नहीं, बल्कि व्यापारियों और निर्माताओं पर भी टैक्स का नया नियम लागू किया है. अब मोटरसाइकिल के कारोबार से जुड़े व्यापारियों या निर्माताओं को प्रति वाहन के हिसाब से 600 रुपया का वार्षिक टैक्स देना होगा.
भारी वाहनों की चेसिस पर प्रति वाहन 1000 का सालाना टैक्स तय किया गया है. इन कैटेगरी के अलावा अन्य किसी भी प्रकार के वाहनों पर 800 प्रति वाहन की दर से सालाना टैक्स वसूला जाएगा.
इसे भी पढ़ें: बिहार शिक्षक ट्रांसफर पॉलिसी लागू, इस तारीख से शुरू होगा आवेदन, तीन चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया
