Bihar Train News: सीतामढ़ी और रक्सौल के रेल यात्रियों की 15 साल पुरानी मुराद आखिरकार पूरी हो गई है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों की लंबी पैरवी के बाद रेल मंत्रालय ने रक्सौल-तिरुपति स्पेशल ट्रेन को नियमित करने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया है.
अब यह ट्रेन स्पेशल का टैग हटाकर स्थायी रूप से पटरी पर दौड़ने को तैयार है, जिससे उत्तर बिहार और पड़ोसी देश नेपाल के लाखों श्रद्धालुओं के लिए तिरुपति बालाजी के दर्शन का रास्ता बेहद सुलभ और किफायती हो गया है.
15 साल का इंतजार खत्म
इस ट्रेन को नियमित कराने के पीछे स्थानीय सांसद देवेश चंद्र ठाकुर, डॉ. संजय जायसवाल और क्षेत्रीय विधायकों की बड़ी भूमिका रही है. वर्षों से इस रूट पर दक्षिण भारत के लिए एक सीधी ट्रेन की मांग की जा रही थी.
नेपाल सीमा पर रहने वाले लोग न केवल व्यापार बल्कि धार्मिक आस्था के कारण भी दक्षिण भारत की यात्रा करते हैं. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को धन्यवाद देते हुए स्थानीय लोगों ने कहा कि अब रामेश्वरम और तिरुपति जैसे पवित्र स्थलों तक पहुंचना महज एक सपना नहीं रह जाएगा.
जानें क्या होगा नया रूट
ट्रेन संख्या 17433 (तिरुपति-रक्सौल) और 17434 (रक्सौल-तिरुपति) अब नियमित साप्ताहिक आधार पर संचालित होगी. यह ट्रेन रक्सौल से खुलकर सीतामढ़ी, दरभंगा, समस्तीपुर और बरौनी के रास्ते आंध्र प्रदेश के तिरुपति तक जाएगी.
2,800 किलोमीटर का सफर तय करने वाली इस ट्रेन में कुल 20 आधुनिक बोगियां होंगी, जिनमें एसी 2-टियर, 3-टियर, स्लीपर और जनरल कोच शामिल होंगे. करीब 1,500 यात्रियों की क्षमता वाली यह ट्रेन पूरी तरह आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस होगी.
श्रद्धालुओं के लिए विशेष कोटा
सबसे बड़ी राहत यात्रियों की जेब को मिलने वाली है. इस गाड़ी में स्लीपर क्लास का किराया 800 से 1,000 रुपये और एसी क्लास का 2,000 से 3,500 रुपये के बीच होगा, जो मौजूदा कनेक्टिंग ट्रेनों के मुकाबले 30 से 40 प्रतिशत तक सस्ता पड़ेगा.
इसके अलावा, तिरुपति जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए ट्रेन में एक विशेष आरक्षण कोटा भी रखा जाएगा, जिससे टिकट कंफर्म होने की संभावना बढ़ जाएगी. अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली इस सेवा से वीरगंज, जनकपुर और मलंगवा जैसे नेपाली शहरों के यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलेगी.
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