Bihar Train AI Camera: ट्रेन में यात्रियों को साफ और सुरक्षित खाना मिले, इसके लिए रेलवे अब AI तकनीक का इस्तेमाल करेगा. पैंट्री कार से लेकर स्टेशन की कैंटीन तक कैमरों से निगरानी होगी. चूहा, कॉकरोच या गंदगी दिखते ही सिस्टम अलर्ट जारी करेगा. संबंधित एजेंसी और अधिकारी पर कार्रवाई भी होगी.
पांच रेल मंडलों में लगेंगे AI कैमरे
पूर्व मध्य रेल के पांच रेल मंडलों में यह व्यवस्था शुरू की जाएगी. दानापुर, सोनपुर और समस्तीपुर समेत पांच मंडलों की 50 प्रमुख ट्रेनों को इसके दायरे में रखा गया है. इन ट्रेनों की पैंट्री कार में AI कैमरे लगाए जाएंगे.
इसके अलावा 25 रेलवे स्टेशनों की कैंटीन में भी कैमरे लगेंगे. रेलवे का लक्ष्य मार्च 2027 तक यह व्यवस्था पूरी करने का है. कैमरों की निगरानी दिल्ली स्थित रेल मुख्यालय और हाजीपुर रेलवे जोन से भी की जाएगी.
चूहा-कॉकरोच दिखते ही मिलेगा अलर्ट
AI कैमरे पैंट्री और किचन में लगातार निगरानी रखेंगे. जैसे ही चूहा या कॉकरोच कैमरे की नजर में आएगा, सिस्टम तुरंत अलार्म बजाएगा. इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों और एजेंसी तक पहुंचेगी.
जहां भी चूहे या कॉकरोच मिलेंगे, वहां जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई होगी. लापरवाही मिलने पर वेंडर या एजेंसी का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है.
खाने की क्वालिटी पर भी रहेगी नजर
पैंट्री कार और किचन में AI कैमरे सिर्फ चूहों और कॉकरोच की निगरानी नहीं करेंगे. खाने की साफ-सफाई पर भी नजर रखी जाएगी. इससे खाद्य सामग्री में गंदगी फैलने की आशंका कम होगी.
रेलवे के मुताबिक, AI तकनीक से कीड़ों और चूहों के छिपने की जगहों की भी पहचान की जा सकेगी. इससे पेस्ट कंट्रोल को ज्यादा प्रभावी बनाया जा सकेगा.
चूहे बिजली के तारों को भी बनाते हैं निशाना
ट्रेनों में चूहों की समस्या सिर्फ साफ-सफाई तक सीमित नहीं है. चूहे कई बार सिग्नलिंग और इलेक्ट्रॉनिक डिब्बों के बिजली के तार काट देते हैं. इससे रेलवे को नुकसान हो सकता है.
AI आधारित निगरानी से ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी. वहीं, लगेज बोगी में यात्रियों के कपड़े, बैग और दूसरे सामान को चूहों के काटने की घटनाएं भी कम होने की उम्मीद है.
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पटना के तीन स्टेशनों पर चल रहा सर्वे
AI कैमरे लगाने के लिए 25 स्टेशनों पर सर्वे किया जा रहा है. इनमें पटना जंक्शन, राजेंद्रनगर टर्मिनल और पाटलिपुत्र जंक्शन शामिल हैं. इसके अलावा गयाजी, सोनपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, किउल और बक्सर समेत अन्य स्टेशनों को भी इसमें शामिल किया गया है.
50 एक्सप्रेस ट्रेनों की पैंट्री कार में भी कैमरे लगाए जाएंगे. इनमें तेजस राजधानी, संपूर्ण क्रांति, नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस, संघमित्रा, पटना-लोकमान्य तिलक और वंदे भारत जैसी ट्रेनें शामिल हैं.
बेस किचन में भी AI की नजर
IRCTC के बड़े बेस किचन भी इस निगरानी व्यवस्था का हिस्सा होंगे. खाना बनाने से लेकर पैकिंग तक पूरी प्रक्रिया पर AI कैमरों की नजर रहेगी.
अगर कोई कर्मचारी बिना शेफ कैप, मास्क या हैंड ग्लव्स के काम करता दिखा, तो सिस्टम उसे पकड़ लेगा. रसोई में चूहा, कॉकरोच या गंदगी दिखने पर भी तुरंत अलर्ट जारी होगा.
गंदगी मिली तो कट सकता है डिजिटल चालान
AI सिस्टम गड़बड़ी मिलने पर संबंधित वेंडर के खिलाफ डिजिटल चालान की प्रक्रिया भी शुरू करेगा. इससे एजेंसियों पर साफ-सफाई और खाद्य गुणवत्ता बनाए रखने का दबाव बढ़ेगा.
रेलवे को उम्मीद है कि इस हाईटेक निगरानी से ट्रेनों में घटिया भोजन और गंदगी से जुड़ी शिकायतों पर लगाम लगेगी. यात्रियों को साफ-सुथरा माहौल और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी.
