Bihar Police News: बिहार पुलिस मुख्यालय में शुक्रवार को अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई. डीजीपी विनय कुमार समेत गृह विभाग और पुलिस के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. इस दौरान 2026 में पुलिस की उपलब्धियों, अपराध में कमी, भर्ती, नक्सल अभियान और पुलिस व्यवस्था में बदलाव की जानकारी दी गई.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडीजी मुख्यालय सुनील कुमार, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर केएस अनुपम, गृह सचिव प्रणव कुमार और गृह विभाग के विशेष सचिव क्षत्रनील सिंह भी मौजूद रहे.
हत्या और डकैती के मामलों में कमी का दावा
होम सिक्योरिटी बिहार की ओर से बताया गया कि राज्य में अपराध के कुछ प्रमुख मामलों में कमी आई है. आंकड़ों के मुताबिक हत्या के मामलों में 10.1 फीसदी और डकैती में 31.32 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस लगातार काम कर रही है.
अब बिहार का एक भी जिला नक्सल प्रभावित नहीं
बिहार पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी उपलब्धि बताया है. पुलिस के मुताबिक अभियान के चलते अब राज्य का एक भी जिला उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र नहीं है.
डीजीपी ने कहा कि 2005 से पहले बिहार में नक्सली गतिविधियां बड़े स्तर पर थीं. कई इलाकों में इसका गंभीर असर था. उन्होंने मुंगेर के एसपी की नक्सली घटना में हत्या का भी जिक्र किया. अब सरकार की योजना पूर्व नक्सल प्रभावित इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की है. इसके लिए पर्यटन, शिक्षा और उद्योग पर जोर दिया जाएगा.
डेढ़ साल में 50 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की भर्ती
डीजीपी विनय कुमार ने पुलिस बल की संख्या बढ़ाने को लेकर भी बड़ा अपडेट दिया. उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ साल में 22 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है. इसके अलावा 26,574 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है. इसे एक साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है.
डीजीपी के मुताबिक डेढ़ साल की अवधि में बिहार पुलिस में 50 हजार से ज्यादा नई भर्तियां करने की दिशा में काम हो रहा है.
600 थाना भवनों का निर्माण जारी
पुलिस के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है. डीजीपी ने बताया कि राज्य में करीब 600 थाना भवनों का निर्माण चल रहा है. डायल-112 की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 172 करोड़ रुपये की योजना पर काम हो रहा है. पटना में पुलिस साइबर सेल के लिए एक बड़ा और आधुनिक भवन भी बनाया जाएगा.
युवाओं में बढ़ता नशा बड़ी चुनौती
डीजीपी ने नशे की समस्या को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखना सिर्फ पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है. उन्होंने बताया कि बड़ी मात्रा में गांजा और ड्रग्स की बरामदगी हो रही है. सप्लाई नेटवर्क में नेपाल, नॉर्थ ईस्ट और दूसरे राज्यों से जुड़े लोग भी शामिल हैं. डीजीपी ने समाज से भी नशे के खिलाफ लड़ाई में सहयोग की अपील की.
मानव तस्करी और बच्चों की चोरी पर चिंता
डीजीपी विनय कुमार ने मानव तस्करी और बच्चों की चोरी की घटनाओं को भी गंभीर समस्या बताया. उन्होंने कहा कि केवल पुलिस के भरोसे इस समस्या को खत्म नहीं किया जा सकता. उनके मुताबिक अशिक्षा और गरीबी इसके बड़े कारण हैं. समाज को भी बच्चों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदारी निभानी होगी.
कभी एक साल में 15 हजार दंगे होते थे, अब आंकड़ा 100 के आसपास
डीजीपी ने बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति में आए बदलाव का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पुराने समय में राज्य में एक साल में करीब 15 हजार दंगे होते थे. अब यह आंकड़ा घटकर करीब 100 के आसपास पहुंच गया है.
उन्होंने हत्या के मामलों में भी कमी का दावा किया. साथ ही कहा कि हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग, जमीन विवाद और पारिवारिक विवाद जैसे कारण प्रमुख हैं. उन्होंने इसे केवल पुलिस नहीं, बल्कि समाज से जुड़ी समस्या बताया.
पहली बार बिहार पुलिस को मिलेगा प्रेसिडेंट्स कलर
डीजीपी विनय कुमार ने बिहार पुलिस के लिए बड़ी उपलब्धि की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बिहार पुलिस को पहली बार प्रेसिडेंट्स कलर अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस को यह सम्मान 1954 में ही मिल गया था, लेकिन बिहार पुलिस को पहली बार यह सम्मान मिलने जा रहा है.
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18 पुलिसकर्मियों को वीरता और सेवा सम्मान
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बिहार के 18 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा. इनमें सिपाही और हवलदारों की संख्या अधिक है. महिला एसपी, डीएसपी और आईजी रैंक के अधिकारी भी सम्मान पाने वालों में शामिल हैं.
भरत तिवारी मामले पर भी बोले डीजीपी
भोजपुर के भरत तिवारी मामले को लेकर पूछे गए सवाल पर डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि मामले में न्यायिक जांच चल रही है. उन्होंने कहा कि कुछ पुलिसकर्मियों की ओर से जरूरत से ज्यादा बल इस्तेमाल किए जाने की भी जांच हो रही है. घटना में शामिल एक पुलिसकर्मी को निलंबित किया जा चुका है. डीजीपी ने कहा कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस के साथ समाज की भी जिम्मेदारी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी का फोकस सिर्फ अपराध के आंकड़ों पर नहीं रहा. उन्होंने नशा, मानव तस्करी, बच्चों की चोरी और हत्या जैसे मामलों को सामाजिक समस्या से भी जोड़कर देखा. उनका कहना था कि पुलिस अपनी जिम्मेदारी निभा रही है, लेकिन अपराध और सामाजिक बुराइयों को खत्म करने के लिए समाज की भागीदारी भी जरूरी है.
