Bihar Police Encounter: बिहार की राजधानी पटना में अपराध की दुनिया से जुड़ा बड़ा नाम लॉरेंस बिश्नोई गैंग की मौजूदगी का खुलासा हुआ है. बिश्नोई गैंग से जुड़े कुख्यात शूटर परमानंद यादव और पुलिस के बीच गुरुवार की सुबह चार बजे जबरदस्त मुठभेड़ हुई.
मुठभेड़ में STF और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में परमानंद को गोली लगी है, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
लॉरेंस बिश्नोई से ऐसे है सीधा कनेक्शन
पुलिस के अनुसार परमानंद यादव लॉरेंस बिश्नोई गैंग का बिहार प्रभारी है. जो बिहार और झारखंड में गैंग से जुड़े ऑपरेशन को संभालता था. आरोपी के खिलाफ हत्या, लूट और डकैती जैसे 20 से अधिक संगीन मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं. परमानंद यादव मूल रूप से झारखंड के लातेहार जिले का रहने वाला है.
पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि परमानंद यादव, झारखंड के कुख्यात राहुल सिंह गैंग के लिए भी काम करता था. वह राहुल सिंह का बेहद करीबी बताया जा रहा है. राहुल सिंह चंदवा के चेतर गांव का रहने वाला है. जहां वह सक्रिय है. मिली जानकारी के मुताबिक लेवी के पैसे और कई अहम राज परमानंद के पास हैं. यही नहीं, राहुल सिंह गैंग का सीधा कनेक्शन लॉरेंस बिश्नोई गैंग से भी बताया जा रहा है.
ऐसे हुई गिरफ्तारी
सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार के अनुसार, बेउर थाना क्षेत्र में कुछ कुख्यात अपराधियों को पकड़ा गया था. इसी दौरान एक अपराधी बाइक से जहानाबाद की ओर भागने लगा. सूचना मिलते ही मसौढ़ी थाना अलर्ट हुआ और संभावित रास्तों की नाकेबंदी कर गाड़ियों की जांच शुरू कर दी गई. जांच के दौरान जब पुलिस ने एक संदिग्ध बाइक सवार को रोकने की कोशिश की, तो वह तेज रफ्तार में भागने लगा. भागने के प्रयास में गाड़ी का संतुलन बिगड़ने से वह गिर पड़ा.
बाइक के गिरते गैंग के गुर्गे ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस की ओर से दिए गए बयान में यह बताया गया कि पुलिस की ओर आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की गई. इस फायरिंग में अपराधी के पैर में गोली लगी. घायल परमानंद को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया. घटनास्थल से सबूत जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया लिया गया है.
नक्सली का भतीजा है परमानंद
9 सितंबर 2025 को चंदवा पुलिस ने गोलीबारी और रंगदारी मांगने के मामलों में राहुल सिंह और परमानंद यादव के घर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की थी. परमानंद का आपराधिक इतिहास भी पुराना रहा है. उसका चाचा शुकुल यादव नक्सली था, जिसे पुलिस ने 2003 में एनकाउंटर में मार गिराया गया था.
विधि-सम्मत कार्रवाई जारी : पुलिस
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले में कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है. परमानंद यादव से पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है. माना जा रहा है कि इस गिरफ्तारी से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बिहार-झारखंड में सक्रिय अन्य सदस्यों की भी गिरफ्तारी जल्द हो सकती है.
इसके बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क पर शिकंजा और कसेगा. इस एनकाउंटर को पुलिस अपराध के खिलाफ बड़ी कामयाबी मान रही है.
