Bihar News: वीरपुर में अज्ञात बीमारी का कहर, 2 की मौत—दर्जनों बीमार, गांव में दहशत

Bihar News: वीरपुर गांव में दहशत… हर घर में मरीज! औरंगाबाद के तेंदुआ बिंदुलिया के वीरपुर गांव में अचानक फैली रहस्यमयी बीमारी ने माहौल भयभीत कर दिया है. उल्टी, दस्त और कमजोरी जैसे लक्षणों से दर्जनों लोग बीमार पड़ गए हैं, जबकि दो लोगों की मौत के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है.

Bihar News: बिहार के औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र के तेंदुआ बिंदुलिया के टोला वीरपुर गांव में इन दिनों डर और दहशत का माहौल है. गांव में अचानक एक अज्ञात रहस्यमयी बीमारी फैल गई है, जिसके कारण दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि दर्जनों लोग बीमार होकर अस्पताल में भर्ती हैं.

उल्टी, दस्त और चक्कर आने जैसे लक्षणों वाली इस बीमारी ने गांव के लगभग हर घर को अपनी चपेट में ले लिया है, जिसके बाद पुलिस और चिकित्सा टीम मौके पर पहुंच गई है.

अचानक फैली बीमारी, 2 की मौत-पूरे गांव में तनाव

बारुण थाना क्षेत्र के इस छोटे से गांव में पिछले पांच दिनों से बीमारियों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है. शुरुआत दो लोगों की उल्टी और तेज दस्त से हुई, लेकिन इलाज के बाद भी वे ठीक नहीं हुए और संक्रमण तेजी से फैलता गया. अब गांव के लगभग 25–30 घरों में लोग बीमार पड़ चुके हैं.

बीमारी की चपेट में आकर शांति देवी की मौत हो गई, जिनका अंतिम संस्कार हो चुका है. दूसरी मौत सोनू कुमार (5 वर्ष) पिता अमरेश भुइया की हुई. बच्चे के शव को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है और जांच शुरू कर दी गई है.

स्वास्थ्य विभाग को कालरा की आशंका

ग्रामीणों ने बताया कि अचानक उल्टी, दस्त, चक्कर और बदन टूटने जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं. डॉक्टरों की टीम गांव पहुंच चुकी है और उनका कहना है कि यह डायरिया या कालरा जैसे संक्रमण का मामला हो सकता है. फिलहाल सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं.

गांव में इलाज चल रहा है और अस्पताल में भर्ती मरीजों में अरुण भुइया, अमरेश भुइया, बबीता कुमारी, मैत्री कुमारी, रुबी कुमारी, सिंटू कुमार, रूबी देवी, रुकमणिया देवी, राजकुमार, संजू देवी, लक्ष्मीनिया देवी और गुप्तेश कुमार शामिल हैं. इनमें कई की स्थिति चिंताजनक बताई गई है.

अंधविश्वास भी बढ़ा डर, प्रशासन ने संभाली कमान

कुछ ग्रामीण इस घटना को अंधविश्वास से भी जोड़ रहे हैं, जिससे डर का माहौल और बढ़ गया है. हालात बिगड़ते देख स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी गांव में कैंप कर रहे हैं. थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और मेडिकल टीम लगातार जांच कर रही है. गांव में अस्थायी मेडिकल कैंप लगाया गया है और पानी-सफाई की जांच भी शुरू कर दी गई है.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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