सीवान में डॉक्टर से 10 लाख की रंगदारी मांगने वाले दबोचे गए, एसपी ने किया बड़ा खुलासा

Bihar News: एक फोन कॉल, 10 लाख रुपये की मांग और जान से मारने की धमकी. सीवान में रंगदारी के इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर अपराधियों की साजिश पर पानी फेर दिया.

Bihar News: बिहार के सीवान जिले में रंगदारी और धमकी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. नौतन बाजार स्थित जय श्री राम डायग्नोस्टिक एंड सिटी स्कैन सेंटर के संचालक से 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने वाले दो अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में सीवान एसपी पूरन कुमार झा ने प्रेस वार्ता कर पूरी कार्रवाई की जानकारी दी.

कारोबारी को मिली जान से मारने की धमकी

एसपी पूरन कुमार झा ने बताया कि 5 फरवरी को डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक मंटू कुमार के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को दबंग बताते हुए 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी और रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी.

इस घटना के बाद पीड़ित ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके आधार पर नौतन थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई.

गुप्त सूचना से खुला राज

मामले की गंभीरता को देखते हुए नौतन थाना पुलिस और जिला आसूचना इकाई की संयुक्त टीम गठित की गई. गुप्त सूचना के आधार पर एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया गया. पूछताछ के दौरान युवक ने रंगदारी मांगने की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली. उसके बयान के आधार पर पुलिस ने इस कांड में शामिल उसके सहयोगी को भी गिरफ्तार कर लिया, जो फर्जी सिम कार्ड जारी कराने में भूमिका निभा रहा था.

मोबाइल और सिम कार्ड बरामद

पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद कर लिया है. एसपी ने बताया कि इस मामले में अन्य तथ्यों की भी गहराई से जांच की जा रही है. साथ ही गिरफ्तार अपराधियों के आपराधिक इतिहास को भी खंगाला जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल रहे हैं या नहीं.

गिरफ्तार अपराधियों की पहचान नौतन थाना क्षेत्र के रामगढ़ निवासी सतेन्द्र सिंह कुशवाहा के पुत्र नितेश कुमार कुशवाहा और सराय थाना क्षेत्र के उखई मठिया निवासी शिवकुमार गिरी के पुत्र हृदयानंद गिरी के रूप में हुई है. पुलिस का कहना है कि कानून के दायरे में रहकर आगे की कार्रवाई की जा रही है.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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