Bihar News: सरकारी टेंडरों में खेल करने के आरोपों में घिरे चर्चित ठेकेदार रिशु श्री की गिरफ्तारी के बाद अब जांच और तेज हो गई है. विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी में है. जल संसाधन, नगर विकास एवं आवास विभाग और बीएमएसआईसीएल समेत अन्य दूसरे विभागों में रिशु श्री के आईएएस और अन्य पदाधिकारियों से कनेक्शन खंगालने में एसवीयू जुटी हुई है.
इन विभागों के पदाधिकारियों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज है. जानकारी के मुताबिक, रिशु श्री की गिरफ्तारी के बाद एसवीयू की नजर पूरे नेटवर्क पर है, जो सरकारी टेंडरों, कमीशन और अफसर-ठेकेदार गठजोड़ के जरिये करोड़ों के खेल को अंजाम देता रहा.
चपरासी से लेकर संविदाकर्मियों तक को दिए रिश्वत
सूत्रों के अनुसार, रिशु श्री आठ से नौ प्रतिशत कमीशन देकर टेंडर मैनेज करता था. चपरासी से लेकर संविदाकर्मियों तक को रिश्वत देता था. एसवीयू अभी सभी कड़ियों को एकसाथ नहीं जोड़ रही है. एक-एक मामले की अलग-अलग जांच की तैयारी है.
अलग-अलग मामले से जांच में आए सबूतों के आधार पर एसवीयू एक साथ कड़ियां जोडेगी. इसमें ये पता लगाया जायेगा कि वो कौन अधिकारी या व्यक्ति हैं, जिनका नाम कॉमन रूप से सभी मामलों में संलिप्त पाया जा रहा है. इसके बाद उस व्यक्ति या अधिकारी की कुंडली खंगालने में एसवीयू जुटेगी.
छापेमारी के दौरान क्या-क्या हुआ था बरामद?
रिशु श्री के खिलाफ ईडी के बाद एसवीयू की जांच चल रही थी. ईडी पहले ही उसके पटना के मीठापुर स्थित कामता रामसखी इंक्लेव से 51 लाख कैश, दो करोड़ के जेवरात, 61 सेल डीडी बरामद कर चुकी थी. उसके विदेश भागने की भनक मिलते ही एसवीयू ने भी उसके इसी आवास पर छापेमारी की.
छापेमारी के दौरान एसवीयू की टीम ने फिर दो करोड़ के जेवरात, ढाई लाख रुपये कैश, 47 जमीन खरीद के कागजात बरामद किए. जांच के बीच दो करोड़ के गहने आवास पर रखना उसके रसूखदार अफसरों व नेटवर्क से जुड़े रहने के संकेत दे रहे हैं. फिलहाल, रिशु श्री को 11 जून तक के लिए बेऊर जेल भेज दिया गया है.
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