Bihar News: पटना और हाजीपुर के बीच रोजाना आवाजाही करने वालों के लिए राहत भरी खबर है. महात्मा गांधी सेतु पर लगने वाले लंबे जाम से जल्द छुटकारा मिलने की उम्मीद है.
पथ निर्माण विभाग के मुताबिक गंगा नदी पर गांधी सेतु के समानांतर बनाए जा रहे नए फोरलेन पुल का निर्माण दिसंबर 2026 तक पूरा हो जाएगा. इसके बाद 2027 की शुरुआत से इस पुल को यातायात के लिए खोलने की तैयारी है.
गांधी सेतु का दबाव करेगा कम नया पुल
करीब साढ़े चार दशक पहले बने महात्मा गांधी सेतु पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ता गया है. भले ही कुछ साल पहले इसके सुपर स्ट्रक्चर को बदला गया हो, लेकिन वाहनों की संख्या इतनी अधिक हो चुकी है कि जाम आम बात बन गई है.
इसी समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार की सिफारिश पर गांधी सेतु के समानांतर एक अतिरिक्त फोरलेन पुल के निर्माण का फैसला लिया गया.
2021 में शुरू हुआ काम, 60 फीसदी पूरा
पथ निर्माण विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का काम वर्ष 2021 में शुरू किया था. 5.5 किलोमीटर लंबे इस पुल को दोनों ओर से करीब 14.5 किलोमीटर लंबी एप्रोच सड़कों से जोड़ा जा रहा है.
विभागीय अधिकारियों के अनुसार अब तक लगभग 60 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और मौजूदा रफ्तार बनी रही तो तय समयसीमा में पुल तैयार हो जाएगा.
करीब 3 हजार करोड़ की लागत, बड़ी कनेक्टिविटी
इस पुल के निर्माण पर 2926.42 करोड़ रुपये की लागत आ रही है. इसके पूरा होने के बाद पटना, जहानाबाद, अरवल, गया, औरंगाबाद, नालंदा और नवादा जैसे दक्षिण बिहार के जिलों से उत्तर बिहार की दूरी आसान हो जाएगी. वहीं छपरा, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सारण, सीवान और गोपालगंज जैसे जिलों से राजधानी पटना तक का सफर पहले से कहीं ज्यादा सुगम होगा.
2027 से बदलेगा ट्रैफिक का अनुभव
नया फोरलेन पुल शुरू होते ही गांधी सेतु पर वाहनों का भार बंट जाएगा. इससे न सिर्फ जाम की समस्या कम होगी, बल्कि उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच व्यापार, परिवहन और रोजमर्रा की आवाजाही को भी बड़ा सहारा मिलेगा.
अधिकारियों का दावा है कि यह पुल राजधानी पटना की ट्रैफिक व्यवस्था को नई दिशा देगा.
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