Bihar News: 200 करोड़ से बनेंगे 31 हाईटेक वेंडिंग जोन, जाम और अतिक्रमण से मिलेगी परमानेंट मुक्ति

Bihar News: अब सड़कों पर बिखरी दुकानों और रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलने वाली है. पटना नगर निगम 200 करोड़ रुपये की लागत से शहर में 31 नए वेंडिंग जोन बनाने की तैयारी में है.

Bihar News: पटना नगर निगम ने राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और सड़क किनारे अव्यवस्थित दुकानों को व्यवस्थित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. निगम ने सभी छह अंचलों में 31 नए वेंडिंग जोन बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे जल्द ही निगम बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा.

यह योजना कदमकुआं वेंडिंग जोन की तर्ज पर होगी, लेकिन निर्माण में स्टील की जगह आरसीसी का उपयोग किया जाएगा ताकि लागत कम हो और संरचना ज्यादा टिकाऊ बने.

आरसीसी से बनेंगे वेंडिंग जोन

नए वेंडिंग जोन आरसीसी से बनाए जाएंगे, जो स्टील की तुलना में करीब डेढ़ गुना सस्ते होते हैं. साथ ही इनकी आयु 70 से 80 साल तक मानी जाती है. इससे न सिर्फ खर्च में बचत होगी, बल्कि लंबे समय तक स्थायी सुविधा भी मिलेगी. सभी 31 वेंडिंग जोन की अनुमानित लागत 200 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है.

अधिकांश वेंडिंग जोन भूतल और पहली मंजिल वाले होंगे, जबकि कुछ स्थानों पर तीन मंजिला इमारतें भी बनाई जा सकती हैं. इनमें दुकानदारों के लिए तयशुदा जगह, सुरक्षित ढांचा और ग्राहकों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी.

छह अंचलों में बंटेगा वेंडिंग जोन का नक्शा

नगर निगम के अनुसार सबसे ज्यादा 10 वेंडिंग जोन पाटलिपुत्र अंचल में बनाए जाएंगे. इसके बाद न्यू कैपिटल अंचल में 8, बांकीपुर अंचल में 4, जबकि कंकड़बाग, अजीमाबाद और पटना सिटी अंचल में 3-3 वेंडिंग जोन प्रस्तावित हैं.

बांकीपुर अंचल में खेतान मार्केट, मुसल्लाहपुर हाट और मैकडॉवेल गोलंबर के पास स्थल पहले ही चिह्नित किए जा चुके हैं. बाकी अंचलों में भी मोहल्लों की जरूरतों और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए जगह तय की गई है.

मोहल्लों की जरूरत देखकर चुने गए स्थल

नगर निगम का कहना है कि वेंडिंग जोन के लिए स्थलों का चयन किसी एक मानक पर नहीं, बल्कि विभिन्न वार्डों और मोहल्लों की जरूरतों के गहन अध्ययन के बाद किया गया है. उद्देश्य यह है कि आम लोगों को रोजमर्रा की खरीदारी के लिए सुविधाजनक स्थान मिले और सड़क किनारे लगने वाले ठेलों से यातायात बाधित न हो.

सुविधाओं से लैस होंगे वेंडिंग जोन

नगर आयुक्त यशपाल मीणा खुद इस योजना की निगरानी कर रहे हैं. उन्होंने संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही चिन्हित स्थलों पर पानी, बिजली, शौचालय और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने को कहा गया है.

इन वेंडिंग जोन में दुकानदारों के साथ-साथ ग्राहकों और आसपास के लोगों को भी बेहतर सुविधा मिलेगी.

2027 तक चालू होने की उम्मीद

सभी जरूरी स्वीकृतियां मिलने के बाद चार महीने के भीतर निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है. यदि सब कुछ योजना के अनुसार चला, तो वर्ष 2027 के अंत तक ये सभी नए वेंडिंग जोन पूरी तरह चालू हो जाएंगे.

इस योजना के लागू होने से पटना को अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या से राहत मिलेगी और राजधानी को एक ज्यादा व्यवस्थित और आधुनिक बाजार व्यवस्था मिलेगी.

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By Pratyush Prashant

कंटेंट एडिटर और तीन बार लाड़ली मीडिया अवॉर्ड विजेता. जेंडर और मीडिया विषय में पीएच.डी. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम में कार्यरत. डेवलपमेंट, ओरिजनल और राजनीतिक खबरों पर लेखन में विशेष रुचि. सामाजिक सरोकारों, मीडिया विमर्श और समकालीन राजनीति पर पैनी नजर. किताबें पढ़ना और वायलीन बजाना पसंद.

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