Bihar News: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ नीतीश सरकार और जांच एजेंसियों ने जीरो टॉलरेंस की नीति को अब और भी आक्रामक कर दिया है. किशनगंज में अभी एसडीपीओ गौतम कुमार पर हुई कार्रवाई की धमक शांत भी नहीं हुई थी कि आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने किशनगंज के नगर थाना अध्यक्ष, इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार रंजन के साम्राज्य को नेस्तनाबूद करना शुरू कर दिया है.
मंगलवार की सुबह जैसे ही ईओयू की टीम ने इंस्पेक्टर के पांच ठिकानों पर एक साथ धावा बोला, पूरे महकमे में अफरा-तफरी मच गई .
5 ठिकानों पर एक साथ रेड
मंगलवार को EOU की टीम ने पटना, छपरा और किशनगंज में इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार रंजन के कुल पांच ठिकानों पर छापेमारी की. टीम एक साथ कई लोकेशनों पर पहुंची, जिससे पूरे ऑपरेशन को बेहद गोपनीय रखा गया. पटना के रामकृष्णानगर स्थित आवास से लेकर किशनगंज में उनके घर और चैंबर तक हर जगह दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं.
ईओयू की यह कार्रवाई इतनी गुप्त और सटीक थी कि इंस्पेक्टर को संभलने का मौका तक नहीं मिला. पटना, छपरा (सारण) और किशनगंज के पांच अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ तलाशी शुरू की गई. सारण जिले के भेल्दी स्थित पैगा गांव में जब टीम इंस्पेक्टर के पैतृक आवास पर पहुंची, तो वहां मौजूद लोग सन्न रह गए.
किशनगंज में नगर थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित उनके सरकारी आवास और कार्यालय के चैंबर को भी खंगाला जा रहा है. पटना के रामकृष्णानगर इलाके में भी टीम दस्तावेजों और निवेश के सबूतों को जुटाने में लगी है.
आय से 1.70 करोड़ अधिक की संपत्ति
प्राथमिक जांच में जो आंकड़े सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं. ईओयू के अनुसार, इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार रंजन के पास उनकी वैध आय के स्रोतों से लगभग 1 करोड़ 70 लाख रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति होने के पुख्ता सबूत मिले हैं. इसी के आधार पर आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या 05/2026 दर्ज किया गया है.
किशनगंज में पिछले कुछ दिनों के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है. इससे पहले एसडीपीओ गौतम कुमार की करोड़ों की काली कमाई का खुलासा हुआ था.
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