खाद की कमी सिर्फ अफवाह,मंत्री राम कृपाल यादव बोले-डिमांड से ज्यादा स्टॉक

Bihar News: कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा है कि राज्य में खाद की उपलब्धता मांग से अधिक है और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है. उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें.

Bihar News: कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने शनिवार को एक विशेष प्रेस-वार्ता के दौरान किसानों को आश्वस्त किया कि प्रदेश में यूरिया और डीएपी (DAP) समेत किसी भी उर्वरक की कोई कमी नहीं है.

मंत्री ने साफ किया कि राज्य के पास वर्तमान मांग से कहीं अधिक खाद का स्टॉक मौजूद है.उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई दुकानदार या बिचौलिया खाद की कालाबाजारी या निर्धारित दर से अधिक वसूली करता पाया गया, तो उस पर सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज होगी.

नेपाल बॉर्डर पर पैनी नजर

कृषि मंत्री ने खुलासा किया कि नेपाल से सटे सीमावर्ती जिलों में खाद की तस्करी की आशंका को देखते हुए विभागीय अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि खाद की एक बोरी भी अवैध तरीके से सीमा पार नहीं जानी चाहिए. जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे हर हफ्ते खाद की उपलब्धता की समीक्षा करें और इसकी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को भेजें.

454 लाइसेंस रद्द, 116 दुकानदारों पर मुकदमा

कालाबाजारी के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का असर आंकड़ों में भी दिख रहा है. मंत्री ने बताया कि अब तक अनियमितता बरतने वाले 116 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है, जबकि 454 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं.

कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल और निदेशक सुमन सौरभ ने भी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि रिटेलर और स्टॉकिस्ट के साथ-साथ अगर किसी सरकारी अधिकारी की मिलीभगत पाई गई, तो उन पर भी गाज गिरेगी.

‘धरती बचाओ’ कमेटी करेगी जैविक खेती की रक्षा

रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करने के लिए बिहार सरकार अब ‘धरती बचाओ’ कमेटी का गठन करने जा रही है. यह कमेटी राज्य में जैविक खेती (Organic Farming) को बढ़ावा देने के लिए नई रणनीतियां तैयार करेगी.

इसके अलावा, पैक्स (PACS) के माध्यम से खाद वितरण की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए लाइसेंस देने के काम में तेजी लाई जाएगी.

मिलेगा उचित मुआवजा

उन्होंने ने यह भी जानकारी दी कि हाल के दिनों में आपदा और बेमौसम बारिश से प्रभावित हुए किसानों को लगभग 200 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है.

तेज आंधी और बारिश से फसलों को हुए नुकसान पर कृषि मंत्री ने कहा कि विभाग पूरी तरह सक्रिय है. अधिकारी खेतों में जाकर क्षति का आकलन कर रहे हैं. जांच पूरी होते ही पीड़ित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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