Bihar News: बिहार परिवहन विभाग ने राज्य के 41 टोल प्लाजा पर ई-डिटेक्शन सिस्टम (e-Detection System) को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है.
अब जैसे ही आपकी गाड़ी टोल बूथ से गुजरेगी, वहां लगे हाई-टेक कैमरे गाड़ी के कागजातों की ‘डिजिटल हेल्थ रिपोर्ट’ स्कैन कर लेंगे. अगर कोई भी दस्तावेज अधूरा मिला, तो मोबाइल पर चालान का मैसेज आने में कुछ ही सेकंड लगेंगे.
टोल प्लाजा अब बनेंगे डिजिटल चेकपॉइंट
राज्य में अब टोल प्लाजा सिर्फ टैक्स वसूली का केंद्र नहीं रहेंगे, बल्कि वाहनों की डिजिटल जांच का भी अहम बिंदु बनेंगे. जैसे ही कोई वाहन टोल पार करेगा, सिस्टम उसकी इंश्योरेंस, फिटनेस और प्रदूषण प्रमाण-पत्र की वैधता तुरंत जांचेगा. दस्तावेज अमान्य या समाप्त मिलने पर ई-चालान जारी हो जाएगा.
इस तकनीक को राष्ट्रीय स्तर पर संचालित राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के सहयोग से विकसित किया गया है, जिससे प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित हो गई है. टोल प्लाजा पर लगे हाई-रेजोल्यूशन कैमरे वाहन की नंबर प्लेट और फास्टैग स्कैन करते हैं. इसके बाद वाहन का विवरण केंद्रीय डेटाबेस से मिलाया जाता है. पूरी प्रक्रिया कुछ सेकंड में पूरी हो जाती है. इससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी और नियमों का पालन भी सुनिश्चित होगा.
अब 41 प्लाजा पर फुल रोलआउट
परिवहन सचिव राज कुमार के अनुसार, पहले चरण में 31 टोल प्लाजा पर इसका सफल ट्रायल किया गया था. इसके पोजेटिव रिजल्ट को देखते हुए अब 10 और नए प्लाजा को इस नेटवर्क से जोड़ दिया गया है.
दीदारगंज, मोहनिया, सासाराम, और पूर्णिया के मरंगा समेत राज्य के लगभग सभी प्रमुख रूट अब इस डिजिटल रडार की जद में हैं. भागलपुर, खारीक और बक्सर के दालसागर जैसे इलाकों से गुजरने वाले वाहन चालकों को अब विशेष सावधानी बरतनी होगी.
भारी जुर्माने से बचना है, तो ये 3 काम जरूर करें
इस डिजिटल सिस्टम की मार से बचने का एकमात्र तरीका है कि आप अपने दस्तावेजों को अपडेट रखें. सफर पर निकलने से पहले इन बातों का खास ख्याल रखें, बीमा की अवधि समाप्त न हुई हो, कामर्शियल गाड़ियों के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट वैध होना जरूरी है.
प्रदूषण प्रमाण-पत्र न होने पर, तुरंत अपडेट कर लें. खास बात यह है कि यह सिस्टम 24 घंटे काम करता है, इसलिए रात के अंधेरे में भी नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं है.
इन जगहों पर तैनात है डिजिटल पुलिस
परिवहन विभाग ने जिन 41 जगहों की सूची जारी की है, उनमें कुल्हरिया, शाहपुर, रुन्नी सैदपुर, गोविंदपुर, और बारहिमा जैसे व्यस्त टोल प्लाजा शामिल हैं.
उत्तर बिहार से लेकर दक्षिण बिहार तक के मुख्य राजमार्गों को इस ई-डिटेक्शन सिस्टम से कवर कर लिया गया है. विभाग का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और सड़कों पर अनफिट गाड़ियों को चलने से रोकना है.
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