सरकारी बसों का किराया 15% बढ़ा, पटना से आपके शहर तक कितनी कटेगी जेब? जानें नई रेट लिस्ट

Bihar News: राज्य सरकार होली से ठीक पहले सरकारी बसों के किराये में 15 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी करने जा रही है. परिवहन निगम ने इसका प्रस्ताव विभाग को भेज दिया है और अगले महीने मुहर लगते ही नई दरें लागू हो जाएंगी.

Bihar News: BSRTC ने सरकारी बसों के किराये में 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव परिवहन विभाग को भेज दिया है.होली से पहले लागू हो सकती हैं. शहर की सिटी बसों से लेकर लॉन्ग रूट की बसों तक किराये में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है.

निगम मुख्यालय को उम्मीद है कि अगले महीने विभाग से हरी झंडी मिल जाएगी, जिसके बाद यात्रियों को बढ़ा हुआ किराया देना होगा. इससे पहले वर्ष 2021 में बस किराये में संशोधन किया गया था.

सिटी बस का सफर होगा महंगा

शहर के भीतर चलने वाली सिटी बसों में किराये में एक से पांच रुपये तक की बढ़ोतरी प्रस्तावित है. सबसे अधिक असर इलेक्ट्रिक बसों के किराये पर पड़ेगा. करगिल चौक से दानापुर स्टेशन जाने का किराया 35 रुपये से बढ़कर 40 रुपये हो सकता है. सीएनजी और नॉन-एसी बसों में न्यूनतम किराया छह रुपये से बढ़कर सात रुपये कर दिया जाएगा.

वहीं, सिटी इलेक्ट्रिक बसों का न्यूनतम किराया 10 रुपये से बढ़कर 12 रुपये होने की संभावना है. शहर से बाहर जाने वाली सिटी बसों में भी पांच से 12 रुपये तक की वृद्धि प्रस्तावित है. आईआईटी बिहटा रूट पर लगभग नौ रुपये और पालीगंज रूट पर करीब 12 रुपये तक किराया बढ़ सकता है.

लॉन्ग रूट पर सबसे बड़ा झटका

लंबी दूरी की बसों में किराये की बढ़ोतरी ज्यादा महसूस होगी. पटना से रक्सौल जाने वाले यात्रियों को सबसे अधिक झटका लग सकता है, जहां किराया 44 रुपये तक बढ़ने का अनुमान है. वहीं पटना से समस्तीपुर रूट पर सबसे कम 17 रुपये की वृद्धि प्रस्तावित है.
पटना से मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, मधुबनी, जयनगर, बिहारशरीफ और नवादा जैसे प्रमुख रूटों पर भी 17 से 40 रुपये तक किराये में इजाफा हो सकता है. सेमी डीलक्स बसों के किराये में भी इसी तर्ज पर बढ़ोतरी की तैयारी है.

पूरे बिहार में 525 बसों का संचालन

BSRTC पूरे प्रदेश में 525 बसों का संचालन करता है. इनमें 125 बसें शहर के भीतर और आसपास के इलाकों में सिटी बस के रूप में चलती हैं. इनमें 112 सीएनजी और 12 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं.
लॉन्ग रूट पर 400 बसें चलती हैं, जिनमें 12 इलेक्ट्रिक और बाकी डीजल बसें हैं. यही वजह है कि किराये में बदलाव का असर लाखों यात्रियों पर पड़ेगा.

क्यों बढ़ाया जा रहा है किराया

ईंधन की कीमतों, मेंटेनेंस लागत और संचालन खर्च में लगातार हो रही वृद्धि के कारण किराया संशोधन जरूरी हो गया था. पिछले चार वर्षों से किराये में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जबकि खर्च कई गुना बढ़ चुके हैं.

होली से पहले लागू हो सकती हैं नई दरें

परिवहन विभाग की स्वीकृति मिलते ही नई दरें लागू कर दी जाएंगी. उम्मीद की जा रही है कि फरवरी में मंजूरी मिलते ही मार्च यानी होली से पहले यात्रियों को बढ़ा हुआ किराया देना होगा.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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