Bihar New CM: सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर प्रशांत किशोर ने बीजेपी की नीतियों और फैसलों पर सवाल उठाए. पत्रकारों से बात करते हुए कहा प्रशांत किशोर ने कहा- मुख्यमंत्री चाहे कोई भी बने, बिहार की सत्ता का असली रिमोट कंट्रोल अब दिल्ली और गुजरात के हाथों में शिफ्ट हो चुका है.
चाल, चरित्र और चेहरा पर वार
प्रशांत किशोर ने कहा कि जिस पार्टी ने वर्षों तक चाल, चरित्र और चेहरा की बात की, वही अब ऐसे चेहरे को सामने ला रही है. उनका इशारा साफ था कि बीजेपी अपने पुराने नैरेटिव से भटक चुकी है और अब राजनीतिक फैसले सिद्धांतों से ज्यादा रणनीति पर आधारित हैं.
प्रशांत किशोर ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि यह नई भाजपा का वह चेहरा है जो बिहार को स्वावलंबी बनाने के बजाय उसे गुजरात के आर्थिक हितों का पोषक बनाना चाहती है. बिहार से पलायन कभी बंद नहीं होगा, क्योंकि यदि बिहार के युवा अपने घर में रोजगार पा लेंगे, तो गुजरात की फैक्ट्रियों को दस-बारह हजार रुपये में काम करने वाले लाखों सस्ते मजदूर कहां से मिलेंगे?
रिमोट कंट्रोल की राजनीति का आरोप
उन्होंने अमित शाह का नाम लेते हुए कहा कि सरकार का रिमोट कंट्रोल उनके पास होगा. सम्राट चौधरी के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि यह व्यक्ति विशेष की बात नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था की है जिसकी चाबी अमित शाह के पास है.
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि राज्य में रोजगार के अवसर नहीं बढ़ेंगे, बल्कि युवा कम मजदूरी पर काम करने के लिए गुजरात, दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों की ओर जाते रहेंगे. उन्होंने इसे एक सुनियोजित आर्थिक ढांचे का हिस्सा बताया, जहां बिहार श्रमिक आपूर्ति करने वाला राज्य बना रहेगा.
वोटर भी जिम्मेदार
अपने बयान में उन्होंने सिर्फ राजनीतिक दलों को ही नहीं, बल्कि मतदाताओं को भी कटघरे में खड़ा किया. उनका कहना था कि जाति, धर्म और छोटे आर्थिक लालच के आधार पर वोट देने का नतीजा आज सामने है. जिस दस हजार के लालच में आज वोट बिक रहा है, उसी दस हजार को कमाने के लिए कल बिहार के लड़कों को ट्रेनों में जानवरों की तरह भरकर दिल्ली, मुंबई और गुजरात जाना पड़ेगा.
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