गंगा पर बन रहा अगुवानी-अजगैवीनाथ महासेतु पर आया लेटेस्ट अपडेट, जानिए कब से दौड़ेंगी गाड़ियां

Bihar Development News: बिहार के लोगों का वर्षों पुराना इंतजार जल्द खत्म हो सकता है. गंगा नदी पर बन रहे अगुवानी-अजगैवीनाथ महासेतु का निर्माण तेजी से चल रहा है. निर्माण एजेंसी का दावा है कि दिसंबर 2027 तक इस पुल पर वाहनों का परिचालन शुरू हो सकता है.

Bihar Development News: बिहार के बहुप्रतीक्षित अगुवानी-अजगैवीनाथ धाम (सुल्तानगंज) महासेतु का निर्माण तेजी से जारी है. गंगा नदी पर बन रहा यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार को सीधे जोड़ने का काम करेगा. निर्माण एजेंसियों का दावा है कि अगर काम इसी रफ्तार से चलता रहा तो दिसंबर 2027 तक इस पुल पर वाहनों का परिचालन शुरू हो सकता है.

हजारों लोगों को मिलेगा सीधा फायदा

महासेतु के चालू होने के बाद गंगा पार करने वाले लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी. अभी कई इलाकों के लोगों को नाव या लंबा सड़क मार्ग अपनाना पड़ता है. पुल बनने के बाद सफर आसान और तेज हो जाएगा. छात्रों, व्यापारियों, मरीजों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों का समय बचेगा. साथ ही यात्रा भी अधिक सुरक्षित होगी.

युद्धस्तर पर चल रहा निर्माण कार्य

निर्माण स्थल पर दिन-रात काम किया जा रहा है. गंगा की मुख्य धारा में कई स्थानों पर पिलर, वैल कैप और अन्य संरचनाओं का निर्माण तेजी से हो रहा है. भारी मशीनें लगातार काम में लगी हैं. कहीं सरिया बांधा जा रहा है तो कहीं कंक्रीटिंग का काम चल रहा है. विशेषज्ञ इंजीनियर पूरी परियोजना की निगरानी कर रहे हैं.

बाढ़ के दौरान भी नहीं रुकेगा काम

निर्माण कंपनी एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शंस का कहना है कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. कंपनी ने दावा किया है कि मानसून और बाढ़ के दौरान भी निर्माण कार्य पूरी तरह बंद नहीं होगा. इसके लिए विशेष तकनीकी व्यवस्था की गई है, ताकि परियोजना तय समय पर पूरी हो सके.

3.16 किलोमीटर लंबा होगा पुल

जानकारी के अनुसार, महासेतु की कुल लंबाई करीब 3.16 किलोमीटर होगी. वहीं दोनों ओर बनने वाले एप्रोच रोड की लंबाई लगभग 25 किलोमीटर रखी गई है. यह सिर्फ एक पुल नहीं बल्कि एक बड़ा कनेक्टिविटी कॉरिडोर होगा, जो कई जिलों को सीधे जोड़ने का काम करेगा.

व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

महासेतु बनने के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी. किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी. उद्योगों को नए अवसर मिलेंगे और पर्यटन क्षेत्र को भी फायदा होगा. खासकर सुल्तानगंज स्थित अजगैवीनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा.

राज्य के लिए यह परियोजना काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. पुल बनने के बाद क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी और लोगों की आवाजाही पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगी.

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By Abhinandan pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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