Bihar Liquor Smuggling Queen : बिहार में शराबबंदी के बावजूद तस्करी के लिए तस्करों के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं. अब शराब की खेप पहुंचाने के लिए सिर्फ रास्ते या वाहन नहीं बदले जा रहे, बल्कि पुलिस से बचने के लिए कथित तौर पर महिलाओं, परिवार और रिश्तों का भी सहारा लिया जा रहा है. समस्तीपुर में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां एसी कोच में सफर कर रही एक युवती और युवक के सामान से करीब 75 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई.
AC कोच में सफर कर रहे थे युवती और युवक, बैग खुलते ही बदल गयी कहानी
मामला 4 सितंबर का बताया जा रहा है. जीआरपी को सूचना मिली थी कि स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के जरिए दिल्ली से बिहार शराब की बड़ी खेप लाई जा रही है. सूचना के आधार पर ट्रेन के समस्तीपुर पहुंचते ही पुलिस ने चेकिंग शुरू कर दी. अलग-अलग कोचों की तलाशी के दौरान पुलिस एसी-1 कोच तक पहुंची.
तलाशी के दौरान एक युवती और युवक के सामान से करीब 75 लीटर विदेशी शराब बरामद होने का दावा किया गया. इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार युवती की पहचान नेहा झा के रूप में हुई है, जबकि युवक ईशान कुमार है. पुलिस के मुताबिक, दोनों नई दिल्ली से जयनगर की ओर जा रहे थे.
पुलिस को शक, किसी खास ग्राहक तक पहुंचनी थी शराब की खेप
शराब बरामद होने के बाद पुलिस ने दोनों से पूछताछ शुरू की. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आयी है कि नेहा कथित तौर पर शराब की खेप किसी स्थायी ग्राहक तक पहुंचाने जा रही थी.
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शराब किसे दी जानी थी और दिल्ली में इस खेप को किससे लिया गया था. इसके अलावा जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि नेहा की भूमिका केवल शराब पहुंचाने तक सीमित थी या वह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थी.
दिल्ली से बिहार तक फैले नेटवर्क की तलाश
समस्तीपुर पुलिस इस मामले में शराब तस्करी की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दिल्ली में शराब की खेप कहां से मिली, इसे बिहार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी किसने दी और यहां इसे किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था.
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरफ्तार युवक और युवती के अलावा इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.
परिवार के लोगों का नाम भी जांच के दायरे में
जांच के दौरान कथित तौर पर गिरफ्तार युवती के परिवार के कुछ लोगों के भी शराब तस्करी से जुड़े होने की बात सामने आने की जानकारी है. हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.
पुलिस के अनुसार, नेहा की बहन निशिशु झा को दरभंगा पुलिस शराब तस्करी के आरोप में दो बार गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों मामलों के बीच कोई संबंध है या नहीं.
मोतिहारी में सामने आया था 'किराए के पति' वाला तरीका
शराब तस्करी के बदलते तौर-तरीकों का एक और मामला कुछ समय पहले मोतिहारी में सामने आया था. पुलिस ने एक लग्जरी कार को जांच के लिए रोका था. कार में एक महिला के साथ एक पुरुष और बच्चा मौजूद था. पहली नजर में यह एक सामान्य परिवार जैसा दिखाई दे रहा था.
लेकिन तलाशी के दौरान पुलिस को शराब की खेप मिलने का दावा किया गया. पूछताछ में महिला ने कथित तौर पर बताया कि उसके साथ मौजूद पुरुष उसका पति नहीं था. पुलिस के सामने महिला ने दावा किया कि उसे 'किराए के पति' के तौर पर साथ लिया गया था, ताकि कार में एक सामान्य परिवार जैसा माहौल दिखे और पुलिस को शक न हो.
कथित तौर पर 1500 रुपये रोज देकर बनाया था 'पति'
पूछताछ में महिला के कथित दावे के मुताबिक, उसके साथ मौजूद पुरुष को करीब 1500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से साथ लिया गया था. वहीं, परिवार का माहौल बनाने के लिए एक बच्चे को भी साथ रखने की बात सामने आयी थी, जिसके लिए कथित तौर पर 500 रुपये देने की बात कही गयी.
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है और मामले की वास्तविकता पुलिस जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी.
क्या महिलाओं को आगे कर रहे शराब तस्कर?
समस्तीपुर की घटना के बाद शराब तस्करी के तौर-तरीकों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. क्या तस्कर अब महिलाओं और युवतियों को आगे कर पुलिस की नजर से बचने की कोशिश कर रहे हैं? क्या परिवार जैसा दिखने वाला समूह शराब की खेप पहुंचाने का नया तरीका बन रहा है?
मोतिहारी के कथित 'किराए के पति' वाले मामले को जोड़कर देखें तो पुलिस के सामने चुनौती सिर्फ शराब पकड़ने की नहीं, बल्कि तस्करी के लिए इस्तेमाल हो रहे नए तरीकों और किरदारों की पहचान करने की भी है.
एक खेप या बड़े नेटवर्क की कड़ी?
समस्तीपुर में करीब 75 लीटर विदेशी शराब की बरामदगी के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह सिर्फ एक खेप थी या इसके पीछे दिल्ली से बिहार तक फैला कोई बड़ा नेटवर्क है.
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार नेहा झा और ईशान कुमार से पूछताछ कर रही है. शराब कहां से आयी, किसे पहुंचायी जानी थी और इस पूरे मामले में कौन-कौन लोग शामिल हैं, इन सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आने की उम्मीद है.
बिहार में शराबबंदी के बीच तस्करी के तरीकों में आ रहे बदलाव ने पुलिस के सामने नई चुनौती जरूर खड़ी कर दी है. अब जांच का फोकस सिर्फ शराब की खेप पकड़ने पर नहीं, बल्कि उसके पीछे काम करने वाले पूरे नेटवर्क तक पहुंचने पर है.