मुजफ्फरपुर से देवेश कुमार की रिपोर्ट
Bihar Land Registry New Rate:मुजफ्फरपुर सहित बिहार में जमीन खरीदने और रजिस्ट्री कराने वालों के लिए आज से बड़ा बदलाव लागू हो रहा है. गुरुवार को मुख्य सचिव के साथ हुई मीटिंग के बाद मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने यह फैसला लिया है. राज्य सरकार ने करीब एक दशक बाद जमीन के न्यूनतम मूल्य रजिस्टर (एमवीआर) यानी सरकारी रेट में ऐतिहासिक वृद्धि का फैसला किया है. नई व्यवस्था के तहत 19 जून (शुक्रवार) से शहरी एवं पेरिफेरल क्षेत्रों में जमीन का सरकारी मूल्य दोगुना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 60 प्रतिशत तक बढ़ जायेगा. इसके साथ ही स्टांप शुल्क में भी एक प्रतिशत की वृद्धि लागू होगी. नई दरें लागू होने के बाद जमीन की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री पर पहले से अधिक खर्च आयेगा. उदाहरण के तौर पर, जिस जमीन का सरकारी मूल्य अब तक 5 लाख रुपये प्रति कट्ठा था, उसकी रजिस्ट्री अब 10 लाख रुपये प्रति कट्ठा के मूल्यांकन के आधार पर होगी.
शहरी और पेरिफेरल क्षेत्रों में दोगुना होगा सरकारी मूल्य
सरकार के निर्णय के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के एमवीआर में 1.6 गुना (60%) वृद्धि होगी. शहरी एवं पेरिफेरल क्षेत्रों के एमवीआर में 2.0 गुना (100%) वृद्धि लागू होगी.
प्रत्येक वित्तीय वर्ष में एमवीआर में 5 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि की जायेगी. हर तीन वर्ष पर एमवीआर का व्यापक पुनरीक्षण होगा.
नगर निकायों से सटे इलाकों पर सबसे ज्यादा असर
सरकार ने पेरिफेरल एरिया का दायरा भी तय कर दिया है. नगर निगम सीमा से सटे 8 किलोमीटर तक का क्षेत्र, नगर परिषद सीमा से सटे 4 किलोमीटर तक का क्षेत्र एवं नगर पंचायत सीमा से सटे 2 किलोमीटर तक का क्षेत्रों की जमीनों पर भी शहरी क्षेत्रों की तरह बढ़ी हुई दरें लागू होंगी. यानी, यह इलाका पेरिफेरल कहायेगा.
स्टांप शुल्क छह से बढ़कर सात प्रतिशत हुआ
सरकार ने सामान्य स्टांप शुल्क में भी वृद्धि की है. सामान्य स्टांप शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत किया गया है. महिलाओं को स्टांप शुल्क में 0.4 प्रतिशत विशेष छूट मिलेगी. निबंधन शुल्क में 0.1 प्रतिशत की छूट यथावत रहेगी. महिलाओं को अब कुल 0.5 प्रतिशत की रियायत का लाभ मिलेगा.
राजस्व बढ़ेगा, आम लोगों पर बढ़ेगा बोझ
सरकार को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से भूमि निबंधन से होने वाले राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. वहीं, आम लोगों के लिए जमीन, फ्लैट खरीदना, प्लॉट की रजिस्ट्री कराना और आवासीय परियोजनाओं की लागत बढ़ना तय माना जा रहा है. इसका सबसे अधिक असर शहरों और नगर निकायों से सटे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में देखने को मिलेगा.
एक नजर में
- – 19 जून से लागू होगा नया नियम
- शहर और पेरिफेरल क्षेत्र में सरकारी रेट दोगुना
- – गांवों में 60 प्रतिशत तक बढ़ेगा एमवीआर
- – स्टांप शुल्क 6 से बढ़कर 7 प्रतिशत
- – महिलाओं को 0.5 प्रतिशत तक की छूट
- – हर साल 5 प्रतिशत बढ़ेगा एमवीआर
- – तीन वर्ष पर होगी समीक्षा
