Bihar Land Registry: जमीन की रजिस्ट्री कराने के बाद अगर कागजी दस्तावेज के लिए रजिस्ट्री ऑफिस के चक्कर काटने पड़ते हैं तो, 17 अगस्त से तस्वीर बदल सकती है. बिहार में अब जमीन की रजिस्ट्री को कागजों से निकालकर सीधे मोबाइल तक पहुंचाने की तैयारी है. बिहार के करीब 90 निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू होने जा रही है.
WhatsApp पर मिलेंगे डॉक्युमेंट्स
नई व्यवस्था में रजिस्ट्री के बाद हाथ में फाइल या कागज लेकर घूमने की जरूरत कम होगी. प्रक्रिया पूरी होते ही डिजिटल डीड मोबाइल पर भेजी जाएगी. पहले SMS से इसकी जानकारी मिलेगी और फिर दस्तावेज WhatsApp के जरिए उपलब्ध कराए जाएंगे.
लंबी लाइन में लगने की झंझट खत्म
इस तरह से जमीन की खरीद-बिक्री में दस्तावेज तैयार करने से लेकर भुगतान और ई-हस्ताक्षर तक, प्रक्रिया को डिजिटल बनाया जा रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, इससे रजिस्ट्री ऑफिस में लगने वाली लंबी लाइनों और अनावश्यक भागदौड़ से लोगों को राहत मिल सकती है.
डिजिटल व्यवस्था से होंगे ये फायदे
डिजिटल व्यवस्था का फायदा सिर्फ समय बचाने तक सीमित नहीं है. निबंधन विभाग का कहना है कि जमीन से जुड़े रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे. भविष्य में किसी पुराने दस्तावेज को खोजना, उसका सत्यापन करना या रिकॉर्ड की जांच करना आसान हो सकता है. साथ ही कागजी दस्तावेजों में छेड़छाड़ और फर्जीवाड़े की आशंका भी कम होने की उम्मीद है.
कर्मचारियों को दी जा रही ट्रेनिंग
जानकारी के मुताबिक, इस डिजिटल बदलाव को विरोध भी किया जा रहा है. स्टांप वेंडर और दस्तावेज लेखक नई व्यवस्था के विरोध में उतर गए हैं. उन्होंने 17 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है. गोपालगंज समेत कई जिलों में नई प्रक्रिया को लेकर कर्मचारियों और सेवा प्रदाताओं को ट्रेनिंग दी जा रही है. इस तरह से व्यवस्था को डिजिटल बनाने की लगभग तैयारी कर ली गई है.
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