Bihar Ka Mausam: बसंत ऋतु अपने पूरे शबाब पर है, जिससे कड़ाके की ठंड की विदाई लगभग तय मानी जा रही है. कैमूर जिले में तापमान 31.1 डिग्री तक पहुंच गया है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि फरवरी के आखिरी दिनों में ही गर्मी ने अपनी दस्तक दे दी है.
राजधानी पटना समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में दिन की धूप अब चुभने लगी है और कई घरों में तो पंखों की रफ्तार भी बढ़ने लगी है.
बसंत ने बदला मौसम का मिजाज
बिहार में अब ‘गुलाबी ठंड’ की विदाई और ‘चुभने वाली धूप’ की दस्तक का समय आ गया है. पिछले कुछ दिनों से राज्य के मौसम में जो उतार-चढ़ाव दिख रहा था, वह अब पूरी तरह से गर्मी की ओर झुकता नजर आ रहा है.
IMD के अनुसार, अगले पांच दिनों के भीतर बिहार के तापमान में 5 डिग्री सेल्सियस तक का उछाल आ सकता है, जिससे फरवरी के खत्म होते-होते गर्मी अपना रंग दिखाना शुरू कर देगी. लेकिन बात इतनी भर नहीं है, आज से पहाड़ों पर एक पश्चिमी विक्षोभ भी एक्टिव हो रहा है.
मार्च से पहले ही 30 के पार जाएगा पारा
बिहार के कई जिलों में अब दोपहर की धूप लोगों को परेशान करने लगी है. पछुआ हवाओं की सुस्त पड़ती रफ्तार और साफ आसमान की वजह से सूरज की किरणें सीधे जमीन पर पहुंच रही हैं, जिससे दिन के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है.
IMD के अनुसार 22 फरवरी तक राज्य में मौसम पूरी तरह शुष्क और साफ दिख रहा है. इस महीने के अंत तक पटना समेत कई शहरों का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस की पायदान को पार कर जाएगा. फिलहाल कैमूर 31.1 डिग्री के साथ राज्य का सबसे गर्म जिला बना हुआ है.
रातों की सिहरन भी हुई कम
दिलचस्प बात यह है कि केवल दिन ही नहीं, बल्कि अब रातें भी उतनी ठंडी नहीं रह गई हैं. औरंगाबाद में न्यूनतम तापमान ने 5.3 डिग्री की लंबी छलांग लगाई और यह 17.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो फरवरी के लिहाज से काफी ज्यादा है.
वहीं पटना का न्यूनतम तापमान भी 14.8 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है. हालांकि, किशनगंज अब भी 10.3 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे ठंडा इलाका बना हुआ है, लेकिन यहां भी धीरे-धीरे गर्मी बढ़ने के संकेत हैं.
जिलों में तापमान का अलग-अलग असर
राज्य के कई जिलों में दिन का तापमान 27 से 32 डिग्री के बीच दर्ज किया जा रहा है. शेखपुरा, सुपौल और खगड़िया जैसे जिलों में भी गर्मी का असर दिखने लगा है. वहीं रात के तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है, जिससे भारी कंबल और रजाई की जरूरत कम होने लगी है.
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर यही रुझान जारी रहा तो मार्च के दूसरे सप्ताह से गर्मी का स्पष्ट अहसास होने लगेगा.
पश्चिमी विक्षोभ का असर
उत्तर भारत में सक्रिय हो रहे एक नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण 16 फरवरी के आसपास मौसम में आंशिक बदलाव की संभावना है. हालांकि बिहार में इसका असर बहुत ज्यादा होने की उम्मीद नहीं है, फिर भी कुछ इलाकों में बादलों की आवाजाही दिख सकती है.
राहत की बात यह है कि घने कोहरे से अब पूरी तरह निजात मिल चुकी है. विजबलिटी अब 1200 मीटर से ऊपर है, जिससे सड़क और रेल यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है.
बदलते मौसम में सेहत का रखें ख्याल
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही ठंड की तीव्रता अब जनवरी जैसी नहीं रही, लेकिन यह ‘चोर ठंड’ का समय है. दिन में तेज धूप और सुबह-शाम की हल्की ठंड स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है. अचानक गर्म कपड़ों पूरी तरह पहनना न बंद करें और सुबह-शाम यात्रा करते समय सावधानी बरतें.
मार्च की शुरुआत तक बिहार पूरी तरह से गर्मी की चपेट में होगा, इसलिए यह समय सर्दी और गर्मी के बीच एक संधिकाल जैसा है.
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