Bihar Ka Mausam: बिहार के मौसम ने करवट बदल ली है और फरवरी के आखिरी हफ्ते में ही राज्य के कई जिलों में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है. पटना मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, कैमूर 31.1 डिग्री के साथ राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा.
इस साल अल नीनो के प्रभाव के चलते मार्च और अप्रैल में सामान्य से कहीं अधिक गर्मी पड़ने के आसार हैं. सर्द हवाओं के कमजोर पड़ने और पछुआ हवाओं के हावी होने से दोपहर की धूप अब चुभने लगी है. इस बदलते मिजाज का सीधा असर बाजार पर दिख रहा है, जहां चाय की जगह अब कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम की मांग में 20 फीसदी तक का उछाल आ गया है.
फरवरी में ही दोपहर की धूप चुभने लगी
सोमवार को राज्य का सबसे अधिक तापमान कैमूर में 31.1 डिग्री दर्ज किया गया. इसके अलावा राजगीर, डेहरी, औरंगाबाद और शेखपुरा जैसे जिलों में भी तापमान 30 डिग्री के आसपास रहा. राजधानी पटना का अधिकतम तापमान 29.6 डिग्री दर्ज हुआ, जो पिछले दिन से अधिक है. मौसम साफ रहने और धूप तेज होने के कारण दोपहर में गर्मी का एहसास होने लगा है और लोग गर्म कपड़े छोड़ने लगे हैं.
रातें ठंडी, दिन गर्म
राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान सबौर में 12.2 डिग्री दर्ज हुआ, जबकि कई जिलों में यह 13-14 डिग्री के आसपास रहा. पटना सहित कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान 18 डिग्री तक बना हुआ है. दिन और रात के तापमान में लगभग 15 डिग्री का अंतर महसूस किया जा रहा है, जो फरवरी के लिए असामान्य माना जा रहा है. यही कारण है कि सुबह-शाम चाय की दुकानों पर भीड़ है, जबकि दोपहर में ठंडे पेय पदार्थों की मांग बढ़ रही है.
पटना के प्रमुख बाजारों में दुकानदारों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह में आइसक्रीम और कोल्ड ड्रिंक की बिक्री 15-20 प्रतिशत तक बढ़ गई है. वहीं मॉर्निंग वॉक करने वाले और शाम को बाहर निकलने वाले लोग अभी भी चाय-कॉफी पसंद कर रहे हैं. मौसम का मिश्रित असर बाजार के ट्रेंड को बदल रहा है.
मार्च में और बढ़ेगी गर्मी, सावधानी जरूरी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल बारिश या ठंडी लहर की संभावना नहीं है. शुष्क पछुआ हवाओं और कम नमी के कारण तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा. अगले तीन-चार दिनों में अधिकतम तापमान 2-3 डिग्री तक और बढ़ सकता है. विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर में धूप से बचने, पानी साथ रखने और मौसम के उतार-चढ़ाव से सावधान रहने की सलाह दी है.
मौसम का यह शुरुआती बदलाव संकेत दे रहा है कि इस साल गर्मी सामान्य से ज्यादा तेज हो सकती है, जिसका असर खेती, बाजार और रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ेगा.
