पिछड़ी जाति के बच्चों के लिए बिहार आठ जिलों में बनेंगे 10 छात्रावास, जानिये किन जिलों को होगा निर्माण

राज्य सरकार पिछड़ा एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के शैक्षणिक, आर्थिक एवं सामाजिक विकास के लिए कई योजनाएं चला रही है, ताकि इस वर्ग के बच्चे बेहतर पढ़ाई कर सकें.

पटना. राज्य सरकार पिछड़ा एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के शैक्षणिक, आर्थिक एवं सामाजिक विकास के लिए कई योजनाएं चला रही है, ताकि इस वर्ग के बच्चे बेहतर पढ़ाई कर सकें.

पिछड़ा एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग के छात्र -छात्राओं के लिए गोपालगंज में दो, बक्सर में एक, नवादा में दो, पूर्णिया में एक, अरवल में एक, सहरसा में एक, अररिया में एक एवं नालंदा में एक यानी कुल 10 छात्रावास बनाये जायेंगे. इसकी मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है.

स्वीकृति के बाद इन जिलों में छात्रावास का निर्माण शुरू हो जायेगा. अत्यंत पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए प्रत्येक जिले में 100 बेडों वाला जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास 29 जिलों में है. जहां लगभग दो हजार छात्र-छात्राएं हैं.

दो जिलों में इस छात्रावास का भवन निर्माणाधीन है और सात जिलों में भवन निर्माण की कार्रवाई की जा रही है. शिक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्रवेशिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री अत्यंत पिछड़ा वर्ग सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान योजना, छात्रावास खाद्यान्न आपूर्ति योजना, मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना चलायी जा रही है.

यहां चल रहा है काम

जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास योजना के अंतर्गत 26.098 करोड़ की लागत से लखीसराय, समस्तीपुर, दरभंगा, खगड़िया, सीवान, वैशाली में निर्माण का काम चल रहा है.

Posted by Ashish Jha

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By Prabhat khabar news desk

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