Bihar Rain Alert: बिहार में चिलचिलाती धूप और उमस वाली गर्मी से लोगों को राहत मिलने वाली है. मौसम विभाग की तरफ से आज राज्य के 19 जिलों में मौसम बिगड़े रहने को लेकर चेतावनी जारी की गई है. विभाग ने पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण, सीवान, पटना, समस्तीपुर, भोजपुर, खगड़िया, भागलपुर, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, गया, नवादा, जमुई और बांका में अलर्ट जारी किया है.
तेज हवा के साथ बिजली गिरने की संभावना
मौसम विभाग की माने तो, इन जिलों में तेज बारिश के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है. इसके साथ ही बिजली गिरने की संभावना भी है. बिगड़े मौसम को देखते हुए लोगों से सावधान रहने की अपील की गई है. खासकर चार जिले समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय और मुंगेर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है.
बिहार में कब से मॉनसून होगा एक्टिव?
मौसम विभाग की माने तो, मॉनसून की एंट्री काफी दिनों पहले ही बिहार में हो चुकी है. लेकिन यह मुजफ्फरपुर के आस-पास फिलहाल रूक गया है. इस वजह के राज्य में दो तरह का मौसम देखने के लिए मिल रहा. कहीं प्रचंड गर्मी की वजह से लोग परेशान हैं तो कहीं झमाझम बारिश भी हो रही है. इस बीच संभावना जताई गई है कि बिहार के जिलों में आज से मॉनसून का फैलाव हो सकता है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिल सकेगी.
बिहार में 24 जून तक के लिए चेतावनी जारी
पटना मौसम विभाग की ओर से 24 जून तक के लिए चेतावनी जारी की गई है. 20 जून को भी कई जिलों में मौसम बिगड़ा रह सकता है. उत्तर-पूर्वी बिहार के जिलों और दक्षिण बिहार के कुछ जिलों में भी येलो अलर्ट जारी किया गया है. 20 जून को कटिहार, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज में भारी बारिश हो सकती है.
इसके बाद 21 जून को उत्तरी-मध्य बिहार के जिलों में आंधी-बारिश के साथ तेज हवा चलने को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. साथ ही 22, 23 और 24 जून को भी अलग-अलग जिलों में मौसम बिगड़े रहने को लेकर संभावना जताई गई है. कुल मिलाकर देखा जाए तो मॉनसून वाली बारिश की शुरूआत जल्द ही जिलों में हो सकती है.
इस वजह से एक्टिव होगा राज्य में मॉनसून
मौसम विभाग की ओर से बताया गया कि जेट स्ट्रीम का जो मौजूदा पैटर्न है, वह कमजोर पड़ रहा है, जिससे मॉनसूनी हवाएं तेज होंगी और झमाझम बारिश का दौर भी शुरू हो सकता है. अगले कुछ दिनों में मॉनसून दूसरे राज्यों जैसे कि कर्नाटक, महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों में आगे बढ़ सकता है. जेट स्ट्रीम हवा के बारे में बताया गया कि ये पृथ्वी से लगभग 8 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई पर होती है. ये मॉनसून बादलों के साथ पश्चिमी विक्षोभ को भी प्रभावित करती है.
