Bihar Greenfield Satellite Township: बिहार सरकार ने ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं को गति देने के लिए अहमदाबाद स्थित सेंटर फॉर एनवायरनमेंटल प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीईपीटी) सलाहकार फाउंडेशन को टेक्निकल सपोर्ट यूनिट के रूप में चुना है. इस फैसले का उद्देश्य केवल नए शहर बसाना नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक, सुव्यवस्थित और सुविधाओं से लैस शहरी क्षेत्र विकसित करना है.
ये सभी होंगी सुविधाएं
नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा की माने तो, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार ऐसे शहरों का निर्माण करना चाहती है जहां बेहतर सड़क नेटवर्क, नियोजित आवास, आधुनिक नागरिक सुविधाएं, हरित क्षेत्र और रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हों.
सीईपीटी इस तरह करेगा मदद
सीईपीटी विश्वविद्यालय अपनी तकनीकी विशेषज्ञता से मास्टर प्लान तैयार करेगा, परियोजनाओं की गुणवत्ता की निगरानी करेगा और तय समय पर काम पूरा कराने में सहयोग देगा. इतना ही नहीं, संस्थान अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, तकनीकी समस्याओं का समाधान करने और परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी भी निभाएगा. इससे विकास कार्यों में पारदर्शिता और गति आने की उम्मीद है.
लोगों को मिल सकेगा ये फायदा
सरकार का मानना है कि इन सैटेलाइट टाउनशिप के विकसित होने से नए औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय केंद्र तैयार होंगे. इसका सीधा असर रोजगार पर पड़ेगा. निर्माण, उद्योग, व्यापार और सेवा क्षेत्र में हजारों नए अवसर पैदा हो सकते हैं. साथ ही राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और बड़े शहरों पर बढ़ता दबाव भी कम होगा.
मंत्री नीतीश मिश्रा के मुताबिक, ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप प्रोजेक्ट का उद्देश्य सिर्फ एक आधुनिक शहर बसाना नहीं है बल्कि एक ऐसा शहर विकसित करना है जो सभी वर्ग के लोगों के लिए सुविधाजनक हो और भविष्य की जरूरतों को भी पूरा कर सके.
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