Greenfield Satellite Township: बिहार के शहरी विकास और बुनियादी ढांचे को पूरी तरह बदलने के लिए राज्य सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा नीतिगत कदम उठाया है. नगर विकास एवं आवास विभाग ने राज्य में अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास के लिए हुडको के साथ एमओयू साइन करने की मंजूरी दे दी है. यह फैसला बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया है.
कैबिनेट की बैठक में लिया गया फैसला
इस संबंध में जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने दी. कैबिनेट की बैठक में 47 एजेंडों को मंजूरी दी गई है. इस फैसले के तहत बिहार सरकार हुडको (HUDCO – Housing and Urban Development Corporation Ltd.) से एक लाख करोड़ रुपये का लोन लेगी.
इस फैसले से टाउनशिप क्षेत्रों में फाइनेंशियल मैनेजमेंट मजबूत होगा, जिससे सुनियोजित इंफ्रास्ट्रक्चर और वर्ल्ड लेवल की मॉडर्न सुविधाओं का निर्माण किया जा सकेगा. इससे न केवल बड़े पैमाने पर निजी निवेश आकर्षित होगा, बल्कि रोजगार सृजन के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों का भी विकास होगा.
पर्यटन के क्षेत्र में 5000 करोड़ होंगे इंवेस्ट
राज्य में 5000 करोड़ रुपये के निवेश से पर्यटन का चेहरा बदलेगा. यह मंजूरी कैबिनेट की बैठक में दी गई. योजना के तहत पर्यटन स्थलों पर स्मार्ट टॉयलेट, वाई-फाई जोन, वाटर एटीएम, स्मार्ट पार्किंग, बेहतर सड़क और कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं विकसित की जायेंगी. इससे पर्यटकों का अनुभव बेहतर होगा और उनके ठहरने की अवधि भी बढ़ेगी.
तारापुर में पर्यटकीय सुविधाएं विकसित करेगा ईशा फाउंडेशन
साथ ही कैबिनेट ने मुंगेर जिला के अंतर्गत तारापुर में सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यटकीय सुविधाएं विकसित करने की मंजूरी दी है. इसके लिए यहां के गाजीपुर मौजा में 15 एकड़ एक डिसमिल जमीन को तमिलनाडु के कोयंबटूर के वेल्लियांगिरी फुटहील स्थित ईशा फाउंडेशन को 99 साल के लिए लीज पर देने का निर्णय लिया गया है.
इसके अलावा बोधगया में थाना संख्या 359 में बिहार सरकार के स्वामित्व की 34 डिसमिल भूमि को नामग्याल तांत्रिक कॉलेज को 50 सालों के लिए लीज पर देने की स्वीकृति भी कैबिनेट ने दे दी है. यह संस्थान परम पावन दलाई लामा की निजी मॉनेस्ट्री है.
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