Bihar Flood Affected Schools बिहार में मॉनसून के दौरान आई बाढ़ ने न सिर्फ धान की खेती करने वाले किसानों और ग्रामीणों को प्रभावित किया है, बल्कि स्कूल जाने वाले बच्चों की पढ़ाई में भी बड़ी रुकावट पैदा की है. बाढ़ की वजह से सैकड़ों सरकारी स्कूल पानी में डूब गए हैं. कई स्कूलों के क्लासरूम में पानी भर गया है, जबकि स्कूलों तक जाने वाली मुख्य सड़कों और गलियों में कई दिनों तक जलजमाव रहा. ऐसे में अधिकारियों को कई स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई है. बाढ़ की आशंका वाले बिहार में यह कोई नई स्थिति नहीं है. हर साल कोसी, गंडक, गंगा, बागमती, सोन और घाघरा जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने से आने वाली बाढ़ स्कूली शिक्षा को बुरी तरह प्रभावित करती है. इससे हजारों छात्र लंबे समय तक पढ़ाई से दूर हो जाते हैं.
बाढ़ ने रोकी बच्चों की पढ़ाई
बाढ़ प्रभावित खगड़िया के लोगों का कहना है कि बाढ़ की वजह से पिछले 15 दिनों से अधिक समय से स्कूल बंद हैं. स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ा है. उनका कहना है कि सिलेबस पहले से ही पीछे चल रहा था और बाढ़ के कारण यह और पिछड़ गया है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, "बाढ़ के दौरान हर साल स्कूली शिक्षा बाधित होती है और इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ता है." स्कूलों के शिक्षकों का कहना है कि स्कूल परिसर में बाढ़ का पानी घुसने के बाद स्कूल बंद करना मजबूरी हो जाता है. उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल बंद करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता.
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बाढ़ बढ़ने से बिहार में स्कूल बंद
पटना जिले के मनेर प्रखंड के नदी किनारे वाले इलाकों में करीब 41 स्कूल, मोकामा इलाके में सात स्कूल और दानापुर व फतुहा में करीब एक दर्जन स्कूल बाढ़ की वजह से बंद हैं. पटना से महज 20-25 किलोमीटर दूर राघोपुर में बाढ़ का पानी कई स्कूलों में घुस गया है. यहां पिछले सप्ताह से पढ़ाई-लिखाई ठप है.कुछ यही स्थिति जमालपुर के गांवों के स्कूलों की भी है. यहां न सिर्फ स्कूल परिसरों में बाढ़ का पानी घुस गया है, बल्कि सड़कों पर भी खतरनाक स्तर तक पानी भर गया है. छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए ऐसे स्कूलों को औपचारिक या अनौपचारिक रूप से बंद कर दिया गया है.
भोजपुर जिले में अधिकारियों ने सात प्रखंडों में बाढ़ से प्रभावित 187 स्कूलों की पहचान की है. संबंधित स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि इन स्कूलों के छात्रों का दाखिला पास के ऐसे स्कूलों में कराया जाए, जो बाढ़ से प्रभावित नहीं हैं. इसी तरह, भागलपुर जिले के नवगछिया प्रखंड में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। इसके कारण 26 स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई बाधित हुई है.
बिहार में बाढ़ से शिक्षा बाधित
समस्तीपुर में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद आई बाढ़ की वजह से 45 स्कूलों में पढ़ाई-लिखाई ठप हो गई है. सारण जिले के दिघवारा प्रखंड में गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद कई स्कूल पानी में डूब गए हैं. पश्चिमी चंपारण जिले के योगापट्टी प्रखंड के सिसवा गांव में एक मिडिल स्कूल 15 जुलाई से बंद है. स्कूल परिसर में बाढ़ का पानी घुसने के बाद इसे बंद करना पड़ा. वहीं, पिछले महीने बेगूसराय जिले में 80 से अधिक स्कूल बंद कर दिए गए थे. इन स्कूलों और वहां तक पहुंचने वाले मुख्य रास्तों में बाढ़ का पानी भर गया था, जिससे एक सप्ताह से अधिक समय तक पढ़ाई बाधित रही.
पटना में शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, प्राइमरी से लेकर मिडिल और हाई स्कूल तक के हजारों बच्चे अपनी पढ़ाई जारी नहीं रख पा रहे हैं. बाढ़ के पानी ने कई स्कूलों की इमारतों को डुबो दिया है, जबकि मुख्य रास्तों पर कई दिनों तक पानी भरा रहा. ऐसे में बच्चों का स्कूल पहुंचना मुश्किल हो गया है.
जिलाधिकारियों को स्कूल बंद करने का अधिकार
हर साल आने वाली बाढ़ को देखते हुए राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन नियमों के तहत जिलाधिकारियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्कूल बंद करने का फैसला लेने का अधिकार दिया है. बाढ़ प्रभावित इलाकों के जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि जरूरत पड़ने पर शिक्षकों और छात्रों के आवागमन के लिए नावों का इंतजाम किया जाए. बिहार के 12 जिलों में करीब 27 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. बाढ़ के इस दौर में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है. गंगा, कोसी और गंडक जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और कुछ जगहों पर ये खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.
गंगा की सहायक नदियां पुनपुन, सोन और दरधा भी उफान पर हैं। इसके चलते बड़े इलाके में दर्जनों गांव जलमग्न हो गए हैं, सैकड़ों लोग विस्थापित हुए हैं और सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. बाढ़ की इस स्थिति का सबसे गंभीर असर बच्चों की शिक्षा पर भी पड़ रहा है, जिससे उनका शैक्षणिक सत्र लगातार पिछड़ता जा रहा है.
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