Bihar Flood Update: बिहार में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है. जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार गंडक, कोसी, बागमती, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन और घाघरा नदियां कई जगह खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. कुछ इलाकों में पानी कम हुआ है, वहीं गंगा समेत कई जगहों पर जलस्तर बढ़ रहा है.
गंडक नदी का पानी डुमरियाघाट और हाजीपुर में खतरे के निशान से ऊपर है. डुमरियाघाट में नदी का जलस्तर 62.77 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 55 सेंटीमीटर ऊपर है. हाजीपुर में गंडक 50.47 मीटर पर बह रही है और यहां खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर ऊपर है. अच्छी बात यह है कि दोनों जगह पानी कम होने का रुख है.
कोसी के एक इलाके में पानी घटा, दूसरे में बढ़ा
कोसी नदी का जलस्तर बलतारा में 35.13 मीटर और कुरसेला में 31.28 मीटर दर्ज किया गया है. बलतारा में नदी का पानी नीचे जा रहा है, जबकि कुरसेला में जलस्तर बढ़ रहा है. इससे साफ है कि कोसी के अलग-अलग इलाकों में बाढ़ की स्थिति एक जैसी नहीं है.
बागमती नदी बेनीबाद में 48.93 मीटर पर पहुंच गई है. यहां नदी खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है और पानी लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सावधान रहने की जरूरत है.
बूढ़ी गंडक में खतरे के निशान से काफी ऊपर पानी
खगड़िया में बूढ़ी गंडक का जलस्तर 38.50 मीटर दर्ज किया गया है. यह खतरे के निशान से 1.92 मीटर ऊपर है. यहां भी नदी का पानी बढ़ रहा है, जिससे आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है.
श्रीपालपुर में पुनपुन नदी 53.47 मीटर पर बह रही है. यहां पानी खतरे के निशान से 2.87 मीटर ऊपर पहुंच गया है. नदी के जलस्तर की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
गंगा का रुख सबसे अहम, कई इलाकों में बढ़ रहा पानी
गंगा नदी की स्थिति इस समय सबसे ज्यादा चिंता वाली बनी हुई है. पटना के दीघा में गंगा का जलस्तर 51.78 मीटर और गांधी घाट पर 50.41 मीटर दर्ज किया गया है. वहीं हाथीदह में 43.52 मीटर, मुंगेर में 40.06 मीटर, भागलपुर में 34.44 मीटर और कहलगांव में 32.61 मीटर पानी है.
पटना के दीघा और गांधी घाट पर गंगा का पानी कम हुआ है. इसके उलट हाथीदह, मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव में जलस्तर बढ़ रहा है. गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान से 1.81 मीटर ऊपर है, जबकि हाथीदह में पानी खतरे के निशान से 1.76 मीटर ऊपर बह रहा है.
बैराजों से पानी छोड़ने की स्थिति भी बदली
पिछले 24 घंटे में बिहार के प्रमुख बैराजों से नदियों में छोड़े जा रहे पानी की मात्रा में भी बदलाव हुआ है. बीरपुर बैराज से कोसी नदी में पानी का बहाव 216025 क्यूसेक से घटकर 196645 क्यूसेक हो गया है. यानी करीब 19380 क्यूसेक पानी कम छोड़ा जा रहा है.
वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक में बढ़ा पानी
वाल्मीकिनगर बैराज से गंडक नदी में पानी का डिस्चार्ज 119000 क्यूसेक से बढ़कर 121500 क्यूसेक हो गया है. यानी पिछले 24 घंटे में करीब 2500 क्यूसेक की बढ़ोतरी हुई है.
इंद्रपुरी बैराज से सोन नदी में पानी का बहाव भी कम हुआ है. यहां डिस्चार्ज 188257 क्यूसेक से घटकर 139847 क्यूसेक रह गया है. यानी करीब 48410 क्यूसेक की बड़ी कमी दर्ज की गई है.
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उत्तर बिहार में कई नदियों का पानी बढ़ा
उत्तर बिहार में गंडक, बागमती और बूढ़ी गंडक के कई हिस्सों में पानी बढ़ रहा है. वहीं कोसी नदी के कुछ इलाकों में पानी कम होने से थोड़ी राहत के संकेत हैं. इसके बावजूद कई जगह नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है.
दक्षिण और मध्य बिहार में भी गंगा का रुख हर जगह एक जैसा नहीं है. पटना के दीघा और गांधी घाट पर पानी कम हुआ है, लेकिन हाथीदह से लेकर कहलगांव तक कई जगह जलस्तर बढ़ रहा है. ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और हालात पर नजर बनाए रखने की जरूरत है.
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